झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में छूट देने के मुद्दे पर बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि किसी अंतिम निर्णय पर सहमति नहीं बन सकी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस प्रस्ताव को होल्ड पर रखते हुए विशेष चिंतन करने की बात कही है।
कैबिनेट के बाद कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रशासनिक पक्ष और अभ्यर्थियों की मांगों के बीच अंतर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय सोच-समझकर निर्णय लेने का रुख अपनाया है।
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का बयान
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा “बिल्कुल आज कैबिनेट में उम्र सीमा को भी लेकर चर्चा हुई थी और माननीय मुख्यमंत्री जी ने उसको होल्ड करके भी रखा है। प्रशासन और ब्यूरोक्रैट्स का कहना है कि हम लोग मैक्सिमम 2023 तक ही जा सकते हैं, जबकि जो अनुरोध हमारे अभ्यर्थियों के द्वारा किया जा रहा है, वह कट-ऑफ डेट 2018 तक करने का है। माननीय मुख्यमंत्री जी इस पर विशेष चिंतन करना चाहते हैं और मुझे लगता है कि निश्चित रूप से राज्य के लिए वे इसमें एक बेहतर निर्णय ले पाएंगे।”
प्रशासनिक पक्ष और अभ्यर्थियों की मांग
कैबिनेट चर्चा के दौरान यह सामने आया कि प्रशासनिक स्तर पर उम्र सीमा में सीमित छूट की बात कही जा रही है, वहीं जेपीएससी अभ्यर्थी लंबे समय तक परीक्षा नहीं होने का हवाला देते हुए 2018 को कट-ऑफ वर्ष मानने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों की बढ़ी उम्मीद
मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्ताव होल्ड किए जाने के बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके पक्ष में फैसला ले सकती है। राज्य भर के हजारों अभ्यर्थी इस निर्णय से सीधे प्रभावित होंगे।
अगली कैबिनेट पर नजर
सूत्रों की मानें तो उम्र सीमा में छूट को लेकर अगली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जा सकता है। यदि सभी विभागों की सहमति मिलती है, तो जेपीएससी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। फिलहाल अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है। उम्र सीमा में छूट को लेकर लिया गया फैसला हजारों युवाओं के भविष्य को प्रभावित करेगा।

