झारखंड उपचुनाव : विपक्षी एकता और भाजपा गठबंधन के फूट की लड़ाई

झारखंड उपचुनाव : विपक्षी एकता और भाजपा गठबंधन के फूट की लड़ाई

झारखंड में अगले सप्ताह होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर राज्य में राजनीतिक स्थिति काफी रोचक हो गई है। सिल्ली और गोमिया उपचुनाव में पार्टियों ने अपनी-अपनी कमर कस ली है। 28 मई को इन दोनों सीटों पर वोटींग होनी है, जिसकी गिनती 31 मई को की जाएगी।

इन दोनों सीटों से निवर्तमान जेएमएम (झारखंड़ मुक्ति मोर्चा) के विधायक, सिल्ली विधानसभा क्षेत्र से अमित महतो और गोमिया से योगेंद्र महतो को अपराधिक मामलों में दोषी पाए जाने के बाद अपनी अपनी सीट से इस्तीफा देना पड़ा। दोनों विधायकों को उपर्युक्त मामले में 2-2 साल की सजा सुनाई गई है, जिसके बाद से यह सीटें खाली थी और अब 28 मई को इन दोनों सीटों पर चुनाव की तिथी तय की गई है।

इस उपचुनाव से विपक्षी पार्टियों को लामबंद होने का मौका मिला और सभी विपक्षी पार्टियों ने भाजपा सरकार पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए, उपचुनाव में जेएमएम प्रत्याशियों को समर्थन देने का एलान किया है। दोनों ही सीटों से जेएमएम ने अपने दोनों पूर्व  विधायक की पत्नीयों को टिकट दिया है।

लेकिन सत्ताधारी भाजपा में सबकुछ ठीक नज़र नहीं आ रहा है। सत्ता में शामिल घटक दल एजेएसयू (ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन) ने सिल्ली और गोमिया दोनों ही सीटों से अपने उम्मीदवारों को खड़ा कर दिया। जबकि भाजपा ने एजेएसयू से गोमिया सीट पर न लड़ने का आग्रह किया था इसके बावजूद एजेएसयू ने अपने कदम पीछे नहीं खींचे, और अपना उम्मीदवार उतार दिया। जिसके बाद बीजेपी ने भी कद्दावर नेता माधवलाल सिंह को इस सीट से चुनाव लड़ाने का फैसला किया है।

हालांकि दूसरी ओर सिल्ली सीट भाजपा ने गठबंधन धर्म का पालन करते हुए, किसी भी प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा। सिल्ली सीट पर  एजेएसयू अध्यक्ष और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुदेश महतो खुद चुनाव लड़ रहे है जहाँ उनका मुकाबला पूर्व विधायक अमित महतो की पत्नी सीमा महतो से है। आपको बता दें जबसे झारखंड राज्य अस्तित्व में आया है तबसे यहाँ कोई भी पार्टी पाँच साल का कार्यकाल पूरा करने में नाकाम रही है।  अब देखना यह है कि इन दोनों सीटों पर जनता किसे अपना विधायक चुनती है।

Jharkhand LIVE Staff

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