झारखंड के चतरा जिले में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का नाम एक बार फिर रंगदारी और हत्या की धमकी से जुड़कर सामने आया है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता और हंटरगंज निवासी पत्थर कारोबारी प्रेमचंद उर्फ प्रेम सिंह को दो करोड़ रुपये की रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी एक ऑडियो क्लिप के माध्यम से दी गई, जिसमें खुद को दुबई से कॉल करने वाला व्यक्ति गैंगस्टर प्रिंस खान होने का दावा करता है।
ऑडियो में धमकी देने वाला शख्स खुलेआम कहता है – “मारने से पहले भी बोलते हैं और मारने के बाद भी जिम्मेदारी लेते हैं। एसपी, डीजीपी कोई नहीं बचा पाएगा।” इस धमकी ने न सिर्फ कारोबारी बल्कि पूरे व्यापारिक वर्ग में दहशत फैला दी है।
वॉट्सऐप ऑडियो से मचा हड़कंप, परिवार दहशत में
प्रेम सिंह को यह धमकी करीब एक सप्ताह पहले उनके वॉट्सऐप नंबर पर एक अज्ञात विदेशी नंबर से भेजे गए ऑडियो के जरिए मिली। एक मिनट से अधिक लंबी इस क्लिप में क्रशर व्यवसाय का हवाला देते हुए सीधे दो करोड़ रुपये की मांग की गई। धमकी देने वाले ने यह भी कहा कि बेटे की शादी के कारण पहले उन्हें छोड़ा गया था, लेकिन अब अगर पैसा नहीं दिया गया तो “खोपड़ी खोल दी जाएगी”।
इतना ही नहीं, धमकी के साथ यूट्यूब लिंक भेजकर खुद को कुख्यात गैंगस्टर साबित करने की कोशिश की गई और लगातार वॉट्सऐप कॉल कर दबाव बनाया गया। इस घटना के बाद से प्रेम सिंह और उनका पूरा परिवार भय के साए में जी रहा है।
FIR दर्ज, लेकिन कार्रवाई पर सवाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रेम सिंह ने हंटरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। एफआईआर में गैंगस्टर प्रिंस खान द्वारा सीधे जान से मारने की धमकी देने का उल्लेख है। बावजूद इसके, एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी किसी ठोस कार्रवाई का अभाव कई सवाल खड़े कर रहा है।
पीड़ित कारोबारी ने एसडीपीओ, एसपी, आईजी, डीजीपी से लेकर एटीएस एसपी तक शिकायत पहुंचाई, लेकिन अब तक जमीन पर कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया गया है। थाना प्रभारी का कहना है कि टेक्निकल सेल की मदद से कॉल और ऑडियो भेजने वाले की पहचान की जा रही है।
व्यापारियों में आक्रोश, पलायन की चेतावनी
इस घटना ने चतरा पुलिस के उस दावे को कठघरे में खड़ा कर दिया है, जिसमें व्यापारियों को निर्भीक होकर कारोबार करने का भरोसा दिया जाता रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कई कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे मामलों में पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं करती, तो व्यापारिक गतिविधियां ठप हो सकती हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि दुबई में बैठा गैंगस्टर चतरा के कारोबारियों की व्यक्तिगत और व्यावसायिक जानकारी कैसे हासिल कर रहा है।

