धनबाद के वासेपुर का रहने वाला कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान दुबई छोड़कर पाकिस्तान शिफ्ट हो गया है। सूत्रों के अनुसार, दुबई में भारतीय खुफिया और जांच एजेंसियों की बढ़ती सक्रियता के बाद उसने अचानक अपना ठिकाना बदल लिया। माना जा रहा है कि एजेंसियों की निगरानी और संभावित कार्रवाई के डर से प्रिंस खान को दुबई छोड़ना पड़ा।
झारखंड से गहरा कनेक्शन
प्रिंस खान का नाम झारखंड में कई आपराधिक घटनाओं, रंगदारी, जमीन विवाद और व्यापारियों को धमकी देने के मामलों से जुड़ चुका है। रांची, धनबाद, बोकारो और हजारीबाग समेत राज्य के कई जिलों में उसके नेटवर्क के सक्रिय होने की जानकारी पहले ही सामने आ चुकी है। झारखंड पुलिस द्वारा दर्ज कई मामलों में प्रिंस खान को मास्टरमाइंड बताया गया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, दुबई में रहते हुए भी प्रिंस खान झारखंड और आसपास के राज्यों में अपने गुर्गों के जरिए आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहा था। व्हाट्सएप कॉल, इंटरनेट कॉलिंग और विदेशी नंबरों के जरिए वह लगातार अपने नेटवर्क के संपर्क में बना हुआ था।
भारतीय एजेंसियों की बढ़ी सक्रियता
सूत्र बताते हैं कि हाल के महीनों में भारतीय एजेंसियों ने दुबई में उसकी मूवमेंट, फंडिंग और संपर्कों को लेकर सूचनाएं जुटाई थीं। इसके बाद वहां उसकी गतिविधियों पर दबाव बढ़ने लगा, जिससे वह सुरक्षित ठिकाने की तलाश में पाकिस्तान चला गया।
पाकिस्तान से ऑपरेट करने की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान पहुंचने के बाद प्रिंस खान वहां से अपने नेटवर्क को और सुरक्षित तरीके से ऑपरेट करने की कोशिश कर सकता है। हालांकि भारतीय एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय के जरिए उसकी लोकेशन, संपर्क और फाइनेंशियल नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं।
झारखंड पुलिस अलर्ट
प्रिंस खान के पाकिस्तान शिफ्ट होने की सूचना के बाद झारखंड पुलिस भी अलर्ट मोड में है। उसके स्थानीय नेटवर्क, सहयोगियों और फंडिंग चैनलों पर कार्रवाई तेज की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में सक्रिय उसके गुर्गों के खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे झारखंड में संगठित अपराध के नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ सकता है।

