रांची | झारखंड की राजधानी रांची के पूर्व उपायुक्त और वर्तमान में विश्व बैंक में कार्यरत आईएएस अधिकारी राय महिमापत रे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि उनके परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर 2 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की जमीन खरीदी गई थी।
2 एकड़ से ज्यादा जमीन की खरीद का खुलासा
आरोपों के मुताबिक राय महिमापत रे और उनके परिजनों ने नामकुम अंचल के कुटियातु मौजा और तुपुदाना मौजा में वर्ष 2019-20 के बीच 2 एकड़ से अधिक जमीन खरीदी थी। यह जमीनें करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से दो निजी संस्थाओं से खरीदी गई थीं। प्रत्येक सेल डीड में 10 डिसमिल जमीन दर्ज है और प्रति डीड लगभग 11.40 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। सभी जमीनें खाता संख्या 62 और प्लॉट नंबर 1593 से संबंधित बताई जा रही हैं।
आयकर विभाग की अनुशंसा पर एसीबी जांच
वर्ष 2020 में आयकर विभाग में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच के बाद विभाग ने राज्य सरकार को आगे की कार्रवाई की अनुशंसा की। इसी अनुशंसा के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने राज्य सरकार की अनुमति लेकर प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज की और जांच शुरू की।
कुमकुम रे के नाम पर खरीदी गई जमीन
जांच में यह भी सामने आया कि कुमकुम रे, जो राय महिमापत रे की पारिवारिक सदस्य हैं, ने इस पूरी प्रक्रिया में अभिभावक के रूप में प्रतिनिधित्व किया। दस्तावेज़ों के अनुसार, मेसर्स सृजन इंफ्रा से तुपुदाना में कुमकुम रे के नाम पर 49.57 लाख रुपये की जमीन खरीदी गई थी।
जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि यह संपत्ति राय महिमापत रे की आय के अनुरूप है या नहीं।