झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ सोमवार, 10 अगस्त 2026 को छात्रों का विधानसभा घेराव आंदोलन तनावपूर्ण हो गया। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकले मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने नए विधानसभा परिसर की ओर बढ़ते हुए कई बैरिकेड्स तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। स्थिति बिगड़ने पर लाठीचार्ज भी किया गया। घटना में कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
क्या है छात्रों की मांग?
आंदोलनकारी छात्र 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और JSSC-CGL परीक्षा को लेकर पारदर्शी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्र पूरे मामले की CBI और ED से जांच कराने की मांग पर भी अड़े हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से युवाओं के भविष्य पर असर पड़ रहा है। इसी को लेकर कई दिनों से रांची में आंदोलन चल रहा है।
बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद बढ़ा तनाव
सोमवार को छात्रों का मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा की ओर बढ़ा। विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा के लिए कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारियों के बैरिकेड पार करने की कोशिश के बाद पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की सूचना है।
स्ट्रेचर और एंबुलेंस से पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। सोमवार को वह स्ट्रेचर और एंबुलेंस के जरिए प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे और छात्रों के मार्च में शामिल हुए।
छात्र संगठनों ने सरकार पर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है। वहीं, प्रशासन की ओर से विधानसभा के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
छात्रों के समर्थन में पहुंचे जयराम महतो
डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के प्रमुख जयराम महतो विधानसभा से बाहर निकलकर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
जयराम महतो ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के साथ सीधे संवाद करने के बजाय प्रदर्शन को रोकने के लिए बैरिकेडिंग और कांटेदार तारों का सहारा ले रही है। उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ बातचीत के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाने और सार्वजनिक रूप से संवाद करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक आंदोलन नहीं बल्कि छात्रों के अधिकार और भविष्य से जुड़ी लड़ाई है। उनके मुताबिक, छात्रों की जायज मांगें स्वीकार होते ही आंदोलन समाप्त हो जाएगा।
सरकार ने कई मांगों पर दिए हैं आश्वासन
छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार की ओर से कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की जांच के लिए न्यायिक प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि, छात्र JSSC-CGL परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की मांग पर अब भी कायम हैं।
इधर, परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID की कार्रवाई भी जारी है। जांच एजेंसी पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
विधानसभा की कार्यवाही पर भी पड़ा असर
छात्रों के विधानसभा घेराव और परिसर के बाहर बढ़े तनाव का असर विधानसभा की कार्यवाही पर भी पड़ा। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
लाठीचार्ज की घटना के बाद छात्र संगठनों और विपक्षी नेताओं में नाराजगी बढ़ गई है। वहीं, प्रदर्शनकारी संगठनों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने और इसे और तेज करने की चेतावनी दी है।

