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रांची के ‘करण-अर्जुन’ अपहरण कांड का खुलासा, समुद्र देखने पुरी भागे थे जुड़वां भाई

राजधानी रांची के धुर्वा इलाके से लापता हुए जुड़वां भाइयों करण और अर्जुन के कथित अपहरण मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चों का अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वे अपने दोस्त के साथ समुद्र देखने की इच्छा से घर छोड़कर ओडिशा के पुरी चले गए थे। मामले की जांच के दौरान रांची पुलिस ने एक भाई अर्जुन को पुरी से सकुशल बरामद कर लिया है, जबकि उसका जुड़वां भाई करण और दोस्त शिवा अभी भी लापता हैं।

पुलिस पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि वह अपने भाई करण और दोस्त शिवा के साथ घूमने और समुद्र देखने की चाह में घर से निकला था। पुरी पहुंचने के बाद रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने उन्हें संदिग्ध समझकर पूछताछ की, लेकिन बच्चों ने अपनी पहचान छिपाते हुए खुद को स्थानीय अनाथ बताया। बाद में पैसे खत्म होने पर वे समुद्र तट और मंदिर के आसपास भीख मांगकर गुजारा करने लगे।

इधर, बच्चों की बरामदगी के लिए पुरी पहुंची रांची पुलिस को उस समय झटका लगा जब कार्रवाई के दौरान करण और उसका दोस्त शिवा पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश तेज कर दी है। पुरी और आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है।

गौरतलब है कि तीनों बच्चे 1 जून को धुर्वा थाना क्षेत्र के शालीमार बाजार से लापता हो गए थे। बच्चों के अचानक गायब होने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने अपहरण की आशंका जताई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने बच्चों का सुराग देने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की थी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में अपहरण जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। अक्सर बच्चे घर की डांट-फटकार या घूमने की इच्छा के कारण बिना बताए घर छोड़ देते हैं, जिससे अपहरण की आशंका पैदा हो जाती है। फिलहाल पुलिस फरार करण और शिवा की तलाश में जुटी हुई है।

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