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राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान को लेकर उमड़ी भारी भीड़, 30 हजार लोगों को भेजा गया था नोटिस

राष्ट्रीय लोक अदालत में इस बार ट्रैफिक चालान से परेशान लोगों की संख्या सबसे अधिक नजर आई। रांची सिविल कोर्ट में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की ओर से करीब 30 हजार लोगों को ट्रैफिक चालान से संबंधित नोटिस भेजकर लोक अदालत में मामले का निपटारा कराने के लिए बुलाया गया था। इसके बाद मोटर वाहन मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष बेंच के सामने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

कई लोग ऐसे भी थे, जिनके खिलाफ 15 से लेकर 28 तक ट्रैफिक चालान कट चुके थे। लोक अदालत में इन मामलों के निपटारे के दौरान संबंधित लोगों से जुर्माने की राशि जमा कराई जा रही थी। हालांकि, बड़ी संख्या में लोगों को उम्मीद थी कि राष्ट्रीय लोक अदालत में उन्हें जुर्माने की राशि में कुछ रियायत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं होने से कई लोग निराश नजर आए।

ट्रैफिक चालान के करीब 30 हजार नोटिस

DLSA रांची के सचिव राकेश रौशन ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए करीब 50 हजार नोटिस भेजे गए थे, जिनमें लगभग 30 हजार नोटिस ट्रैफिक चालान से जुड़े थे। उन्होंने माना कि मोटर वाहन से जुड़े मामलों में लोक अदालत के माध्यम से लोगों को रियायत मिलनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिया कि आगे आयोजित होने वाली लोक अदालतों में इस पहलू पर जरूर ध्यान दिया जाएगा।

ऑटो चालक के सात महीने में कटे 17 चालान

धुर्वा के बैट्री ऑटो चालक चंद्रमोहन ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्होंने करीब सात-आठ महीने पहले ऑटो खरीदा था। वह धुर्वा से कांटाटोली चौक के बीच ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका कहना है कि इतने कम समय में ही उनके करीब 17 ट्रैफिक चालान कट चुके हैं।

चंद्रमोहन के मुताबिक, उन्हें हर महीने तीन से चार चालान के मैसेज मिल जाते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार उन्हें समझ ही नहीं आता कि चालान किस वजह से कट गया।

वहीं, डोरंडा की रहने वाली रजिया ने बताया कि उनके अब तक छह चालान भेजे जा चुके हैं। वह इस उम्मीद में लोक अदालत पहुंची थीं कि ट्रैफिक चालान के मामले में कुछ रियायत मिलेगी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।

राज्यभर में 295 बेंच का गठन

DLSA के निर्देश पर 12 सितंबर को इस साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसके लिए पूरे झारखंड में कुल 295 बेंच गठित की गईं। राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य कार्यक्रम धनबाद में आयोजित हुआ, जहां न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने इसका शुभारंभ किया। इस दौरान रांची समेत राज्य के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकारों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया।

कई तरह के मामलों का हुआ निपटारा

राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित और गैर-विवादित मामलों के अलावा चेक बाउंस, बिजली चोरी, उत्पाद, वन, मोटर वाहन, पारिवारिक विवाद और विभिन्न दीवानी एवं राजस्व मामलों की सुनवाई और निष्पादन किया गया।

रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सिविल कोर्ट परिसर में 58 बेंच बनाए गए थे। इन बेंचों के माध्यम से न्यायालयों में लंबित मामलों के जल्द से जल्द निपटारे को प्राथमिकता दी गई।

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