राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत चल रहे विशेष सत्यापन अभियान में रांची जिला प्रशासन ने अब तक 11,873 अपात्र लोगों के राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। वहीं 43,941 संदिग्ध राशन कार्डों की जांच अभी भी जारी है। अभियान का उद्देश्य फर्जी और अपात्र लाभार्थियों को हटाकर वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी राशन का लाभ पहुंचाना है।
जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 1,88,778 राशन कार्डधारकों का सत्यापन किया जा चुका है। इनमें 1,32,964 लाभार्थी पात्र पाए गए, जबकि 11,873 राशन कार्ड नियमों के उल्लंघन के कारण रद्द कर दिए गए। इनमें 3,372 कार्ड शहरी क्षेत्रों के हैं।
जांच के दौरान भूमि स्वामित्व, आयकर रिकॉर्ड, वाहन पंजीकरण, आधार डेटा और अन्य सरकारी रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। जिन परिवारों के पास चारपहिया वाहन, आयकरदाता होने, निर्धारित सीमा से बड़े पक्के मकान या लंबे समय से राशन नहीं लेने जैसी स्थितियां पाई गईं, उनके कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। डुप्लीकेट आधार से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपात्र पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ केवल राशन कार्ड रद्द करने की कार्रवाई ही नहीं होगी, बल्कि नियमों के तहत बाजार दर पर राशन की वसूली और ₹5 लाख तक जुर्माने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
गौरतलब है कि पूरे झारखंड में करीब 8 लाख निष्क्रिय और अपात्र राशन कार्डों की पहचान कर उन्हें रद्द करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। इससे पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

