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रांची RSS कार्यालय पेट्रोल बम हमला: ATS के हाथ आया दुबई-पाकिस्तान कनेक्शन, चार राज्यों तक फैला आतंकी नेटवर्क

रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब झारखंड आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) ने अपने हाथों में ले ली है। जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को दुबई और पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क के संकेत मिले हैं। साथ ही झारखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली तक फैले संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अमन अंसारी उर्फ गोलू का दुबई प्रवास के दौरान कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंद (TTH) से जुड़े ऑनलाइन रिक्रूटर्स से संपर्क हुआ था। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी दौरान उसका ब्रेनवॉश किया गया और बाद में उसे रांची स्थित RSS कार्यालय को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि 15 जून की रात दुबई में बैठे एक कथित हैंडलर ने आरोपी को RSS कार्यालय की तस्वीर और लोकेशन भेजी थी। इसके बाद पेट्रोल बम से हमला करने की साजिश को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड ऐप्स जैसे WhatsApp और Botim के जरिए विदेशी संपर्कों से संवाद किया और हमले का वीडियो भी विदेश भेजा।

चार राज्यों तक फैली जांच

ATS और रांची पुलिस की जांच में झारखंड के अलावा तीन अन्य राज्यों के कनेक्शन सामने आए हैं।

झारखंड: गिरफ्तार आरोपी लोहरदगा जिले के रहने वाले बताए गए हैं।

उत्तर प्रदेश: जांच में दावा किया गया है कि लखनऊ और कानपुर स्थित RSS कार्यालय संभावित निशाने पर थे।

महाराष्ट्र: मुख्य आरोपी अमन अंसारी पहले मुंबई गया था, जहां से वह दुबई पहुंचा।

दिल्ली: आरोपियों की ट्रैवल हिस्ट्री और संपर्कों की जांच जारी है।

ATS का बड़ा एक्शन

ATS ने चुटिया थाना में दर्ज केस को टेकओवर कर लिया है। फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं। जांच एजेंसियों ने CCTV फुटेज कब्जे में ले लिए हैं, जबकि आरोपियों के पासपोर्ट, बैंक खातों और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि शुरुआत में कथित हैंडलर्स का इरादा हथियारों के जरिए बड़ा हमला करने का था, लेकिन बाद में योजना बदलकर पेट्रोल बम हमले को अंजाम देने के निर्देश दिए गए।

फिलहाल इस मामले में UAPA और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। ATS को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी अहम खुलासे तथा गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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