केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी Ranking of Police Stations 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में झारखंड पुलिस को बड़ी उपलब्धि मिली है। सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना ने देशभर के 18 हजार से अधिक पुलिस थानों में चौथा स्थान प्राप्त कर राज्य का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही चौका थाना झारखंड में पहले स्थान पर रहा है।

यह रैंकिंग CCTNS डेटाबेस की गहन समीक्षा, अपराध के आंकड़े, महिलाओं और कमजोर वर्गों के विरुद्ध अपराधों की जांच, थाना का बुनियादी ढांचा, नागरिकों का फीडबैक और पुलिस कर्मियों के व्यवहार जैसे कई महत्वपूर्ण मापदंडों के आधार पर तय की गई है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह मूल्यांकन पूरी तरह डेटा-आधारित और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया।

ऑनलाइन एफआईआर, त्वरित जांच और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग बनी पहचान

रिपोर्ट के अनुसार, चौका थाना की सबसे बड़ी उपलब्धि ऑनलाइन एफआईआर का शत-प्रतिशत पंजीकरण है। थाने में दर्ज होने वाली हर ऑनलाइन एफआईआर को समय पर दर्ज कर जांच शुरू की जाती है। साथ ही हर मामले की 60 दिनों के भीतर जांच पूरी करने का रिकॉर्ड भी इस थाने के पक्ष में गया।

विशेष रूप से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट जैसे संवेदनशील मामलों में भी तय समयसीमा के भीतर जांच पूरी करना, पुलिस की कार्यकुशलता और जवाबदेही को दर्शाता है। गृह मंत्रालय की टीम ने सर्वे के दौरान पाया कि चौका थाना में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को गंभीरता से लिया जाता है और पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया जाता है।

दुर्घटना में एंबुलेंस नहीं, पुलिस गाड़ी बनी जीवन रक्षक

चौका थाना क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर स्थित होने के कारण सड़क दुर्घटनाएं आम हैं। ऐसे में थाना प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए एक अहम निर्णय लिया। थाना के तत्कालीन प्रभारी बजरंग महतो ने बताया कि उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया था कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस का इंतजार न किया जाए, बल्कि पुलिस वाहन से ही घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए।

इस पहल से न केवल कई लोगों की जान बची, बल्कि आम नागरिकों में पुलिस के प्रति भरोसा भी बढ़ा। गृह मंत्रालय की रैंकिंग टीम ने इसे सर्वोत्तम पुलिसिंग अभ्यास (Best Practice) के रूप में सराहा।

स्वच्छता, आईटी संसाधन और डिजिटल रिकॉर्ड में भी अव्वल

रैंकिंग में चौका थाना को स्वच्छता, आईटी संसाधनों के बेहतर उपयोग, पुलिस संचार व्यवस्था, फोरेंसिक सहयोग, और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए भी उच्च अंक मिले हैं। इसके अलावा पुलिस कर्मियों का आमजन के प्रति व्यवहार और नागरिकों से संवाद को भी सर्वे में अत्यंत सकारात्मक पाया गया।

नागरिकों से प्राप्त फीडबैक में यह सामने आया कि थाना में आने वाले लोगों की शिकायतें ध्यानपूर्वक सुनी जाती हैं और उन्हें अनावश्यक रूप से भटकाया नहीं जाता।

झारखंड पुलिस के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि

विशेषज्ञों का मानना है कि चौका थाना की यह रैंकिंग झारखंड पुलिस के लिए मॉडल थाना के रूप में प्रेरणा बनेगी। यह साबित करता है कि तकनीक, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ पुलिसिंग की जाए, तो राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई जा सकती है।

Ranking of Police Stations 2025 में चौका थाना की उपलब्धि न केवल सरायकेला-खरसावां जिले, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। यह रैंकिंग दर्शाती है कि आमजन-केंद्रित और तकनीक-आधारित पुलिसिंग से भरोसा और सुरक्षा दोनों को मजबूत किया जा सकता है।