झारखंड के साहिबगंज जिले में मतदाता गणना प्रपत्र (Voter Enumeration Form) भरने के एवज में मतदाताओं से अवैध रूप से पैसे मांगने के आरोप में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत की पुष्टि होने के बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त हेमंत सती ने बीएलओ (BLO) सह आंगनबाड़ी सेविका आलिया खातून को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान आलिया खातून पर मतदाताओं से फॉर्म भरने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा था। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद उपायुक्त ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें बीएलओ की जिम्मेदारी और आंगनबाड़ी सेविका के पद से हटा दिया।
क्या है पूरा मामला?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मतदाता गणना प्रपत्र भरने के लिए पैसे मांगने का आरोप।
शिकायत की जांच में आरोप सही पाए गए।
डीसी हेमंत सती ने तत्काल प्रभाव से बीएलओ सह आंगनबाड़ी सेविका को कार्यमुक्त किया।
चुनाव संबंधी कार्यों में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर जिला प्रशासन ने अपनाया सख्त रुख।
चुनाव आयोग का स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं। किसी भी कर्मचारी द्वारा मतदाताओं से पैसे मांगना गंभीर अनियमितता है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए प्रशासन ने लोगों से भी किसी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत तुरंत दर्ज कराने की अपील की है।