भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए एक बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। आज से देशभर के पीआरएस (पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम) काउंटरों पर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आधारित सत्यापन प्रणाली लागू कर दी गई है। यह व्यवस्था फिलहाल 100 चयनित ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस नई प्रणाली के तहत यात्री द्वारा काउंटर पर दिए गए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। जब तक यात्री उस ओटीपी को सत्यापित नहीं करेगा, तब तक तत्काल टिकट जारी नहीं किया जाएगा। रेलवे का मानना है कि इससे तत्काल टिकटों की कालाबाजारी, फर्जी बुकिंग और एजेंटों की अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।

धनबाद मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक सह वरीय जनसंपर्क अधिकारी मोहम्मद इकबाल ने बताया कि यह पहल डिजिटल सत्यापन को बढ़ावा देने के साथ-साथ टिकट बुकिंग को अधिक भरोसेमंद बनाएगी।

धनबाद मंडल की 8 ट्रेनों में लागू, यात्रियों से सतर्क रहने की अपील

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ओटीपी आधारित सत्यापन प्रणाली से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि तत्काल टिकट का लाभ वास्तविक और जरूरतमंद यात्रियों तक ही पहुंचे। इससे बिचौलियों और दलालों की भूमिका सीमित होगी और टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी।

धनबाद रेल मंडल से होकर गुजरने वाली आठ प्रमुख ट्रेनों को इस पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। इनमें हावड़ा–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस, रांची–बनारस एक्सप्रेस, रांची–भागलपुर वनांचल एक्सप्रेस, हटिया–इस्लामपुर एक्सप्रेस, धनबाद–पटना गंगा दामोदर एक्सप्रेस, पटना–धनबाद गंगा दामोदर एक्सप्रेस, इस्लामपुर–हटिया एक्सप्रेस और हटिया–इस्लामपुर एक्सप्रेस शामिल हैं।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे तत्काल टिकट बुकिंग के समय अपना मोबाइल फोन साथ रखें और सुनिश्चित करें कि मोबाइल नंबर सक्रिय हो। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और हितों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस प्रणाली को अन्य ट्रेनों में भी विस्तार दिया जा सकता है।

इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल टिकट बुकिंग प्रक्रिया सुगम होगी, बल्कि शिकायतों और विवादों में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।