धनबाद: डुमरी विधायक टाइगर जयराम महतो को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। धनबाद के तोपचांची इलाके में सड़क जाम करने, आगजनी, तोड़फोड़ और एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के आरोप में दर्ज 10 साल पुराने मामले में शनिवार को अदालत ने जयराम महतो समेत कुल 13 आरोपियों को बरी कर दिया।
यह मामला 15 जनवरी 2015 का है, जब तोपचांची निवासी सद्दाम हुसैन ने तोपचांची थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि 14 जनवरी 2015 को दोपहर करीब दो बजे, सद्दाम हुसैन तोपचांची बाजार के पास खड़े थे, तभी बड़ी संख्या में हथियारबंद लोग जीटी रोड जाम कर तोड़फोड़ करने लगे। आरोप है कि इस हिंसक भीड़ ने सद्दाम हुसैन पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया।
इस केस की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत में हुई। अदालत ने जयराम महतो के अलावा लक्खी बोस, दीपक महतो, पप्पू महतो, अरबिंद महतो, भुनेश्वर महतो, आलोक साव, पांडेय साव, सूरज साव, जुगनू महतो, सरोज महतो, बसंत हांसदा और निरंजन मंडल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर दी राहत
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मामले में उपलब्ध सबूत पर्याप्त नहीं थे और अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा। बरी किए गए आरोपियों में डुमरी विधायक जयराम महतो शामिल हैं, जो पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे।
अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपियों पर लगे सभी आरोप संदेहास्पद पाए गए और इसीलिए उन्हें संदेह का लाभ दिया गया। मामले के दौरान जांच में कई तथ्य अस्पष्ट रहे, जिससे अभियोजन पक्ष के दावे अदालत में टिक नहीं पाए।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामले में सबूतों का अभाव या विरोधाभासी गवाही अक्सर आरोपी को राहत दिला देती है। अदालत ने यह भी ध्यान दिया कि किसी भी आरोपी के खिलाफ प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं थे, जिससे निष्कर्षतः सभी आरोपियों को बरी किया गया।