ATS के अनुसार खुफिया सूचना मिली थी कि बृजेश गंझू वाराणसी के रास्ते मुगलसराय की ओर जाने वाला है। इसके बाद रामनगर थाना क्षेत्र के लंका मैदान के पास घेराबंदी की गई। बाइक से पहुंचे संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में घायल, अस्पताल में मौत
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बृजेश गंझू गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसकी पहचान चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के लूटू गांव निवासी बृजेश गंझू के रूप में हुई।
बुलेटप्रूफ जैकेट से बची अधिकारियों की जान
मुठभेड़ के दौरान डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण के सीने पर गोलियां लगीं, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के कारण दोनों सुरक्षित बच गए। एहतियातन उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत सामान्य बताई गई।
लेवी, टेरर फंडिंग और हत्या के कई मामले
बृजेश गंझू पर लेवी वसूली, पुलिस पर हमले, टेरर फंडिंग, ठेकेदारों की हत्या और अपहरण समेत दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे। NIA और झारखंड पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं। घटना के बाद वाराणसी में संयुक्त सर्च ऑपरेशन और फोरेंसिक कार्रवाई जारी है।

