एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट 135वें डूरंड कप की ऐतिहासिक ट्रॉफियां शनिवार को रांची पहुंचीं। ट्रॉफियों के आगमन के साथ ही राजधानी में फुटबॉल प्रेमियों का उत्साह चरम पर है। पहली बार रांची को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर मिला है। प्रतियोगिता के मुकाबले 26 जुलाई 2026 से बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, मोरहाबादी में खेले जाएंगे।

तीन ऐतिहासिक ट्रॉफियों का हुआ भव्य स्वागत

देशव्यापी ट्रॉफी टूर के तहत डूरंड कप, शिमला कप और प्रेसिडेंट्स कप को रांची लाया गया। मोरहाबादी स्थित राजकीय जनजातीय खेलकूद उपकेंद्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और खेल विभाग के अधिकारियों ने ट्रॉफियों का अनावरण किया। इस दौरान खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और अधिकारियों ने टूर्नामेंट को लेकर उत्साह जताया।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार हुआ स्टेडियम

डूरंड कप के सफल आयोजन को लेकर बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में व्यापक तैयारियां की गई हैं। मैदान की घास (पिच), फ्लडलाइट और अन्य सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है, ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

झारखंड के खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच

डूरंड कप भारत ही नहीं, बल्कि एशिया का सबसे पुराना और दुनिया का तीसरा सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट माना जाता है। फुटबॉल प्रतिभाओं के लिए प्रसिद्ध झारखंड के युवा खिलाड़ियों को इस प्रतियोगिता के जरिए देश के शीर्ष क्लबों और खिलाड़ियों का खेल नजदीक से देखने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।

खेल विभाग को उम्मीद है कि रांची में डूरंड कप के आयोजन से राज्य में फुटबॉल संस्कृति को और बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी।