झारखंड में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 से जुड़े नियुक्ति विवाद मामले में गठित वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और जेएसएससी से विस्तृत जानकारी मांगी है। शनिवार को हुई सुनवाई में कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े कई अहम दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

सरकार से मांगे गए अहम दस्तावेज

कमेटी ने सरकार को निर्देश दिया है कि नियुक्त अभ्यर्थियों से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। इसमें कार्यालय आदेश, विषयवार एवं कैटेगरीवार प्राप्तांक, जिलावार मेरिट सूची और नियुक्ति से जुड़ी अन्य जानकारियां शामिल हैं।

सुनवाई के दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से पहले मांगे गए कुछ दस्तावेज कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किए गए। वहीं राज्य सरकार की ओर से भी कुछ अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेज जमा किए गए।

अधूरे दस्तावेज पर कमेटी ने जताई नाराजगी

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों को अपूर्ण बताते हुए नाराजगी जाहिर की। पिछली सुनवाई में ही कमेटी ने राज्य सरकार और जेएसएससी को राज्यस्तरीय मेरिट लिस्ट, नियुक्त शिक्षकों के नाम, प्राप्तांक, नियुक्ति तिथि और अन्य विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

कमेटी ने यह भी आदेश दिया कि अभ्यर्थियों के अधिवक्ताओं को संबंधित दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उम्मीदवार अपने प्राप्तांकों का मिलान कर सकें और नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी संभावित गड़बड़ी या अनियमितता को समिति के समक्ष रख सकें।

23 मई को होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 23 मई को निर्धारित की गई है। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता चंचल जैन, तान्या सिंह और अमृतांश वत्स सहित कई वकीलों ने पक्ष रखा।

गौरतलब है कि झारखंड हाई कोर्ट ने मीना कुमारी समेत अन्य की ओर से दायर 257 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की थी। हाई कोर्ट ने कमेटी को तीन माह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। कमेटी राज्यस्तरीय मेरिट सूची में कथित खामियों और नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कर रही है।