झारखंड सरकार के विधि विभाग ने राज्य के नए महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितश्य रॉय की नियुक्ति की है। वहीं, पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन का इस्तीफा राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। इस संबंध में राजभवन की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने संविधान के अनुच्छेद-165(1) के तहत राजीव रंजन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार करते हुए रोहितश्य रॉय की नियुक्ति को मंजूरी दी है। रोहितश्य रॉय का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
रोहितश्य रॉय झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह रांची सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बी.एन. रॉय (वीरू बाबू) के पुत्र हैं और लंबे समय से कानूनी क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं।
बताया गया है कि पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन फरवरी 2020 से इस पद पर कार्यरत थे। उन्होंने निजी और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दिया था, जिसे अब राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है।
इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत राज्य सरकार ने अपर महाधिवक्ता अच्युत केशव को भी पदोन्नत करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता नियुक्त किया है।
झारखंड की न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था में इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए महाधिवक्ता के रूप में रोहितश्य रॉय राज्य सरकार की ओर से विभिन्न संवैधानिक और कानूनी मामलों में पक्ष रखेंगे तथा सरकार को कानूनी सलाह प्रदान करेंगे।