झारखंड के बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच तेज करते हुए पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, उनके बेटे रोहित उरांव, पूर्व आबकारी आयुक्त अमित प्रकाश समेत कई अन्य लोगों को समन जारी किया है। सभी को 29 जून 2026 को रांची स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है। समन के साथ संबंधित लोगों को कई महत्वपूर्ण वित्तीय और व्यावसायिक दस्तावेज भी साथ लाने को कहा गया है।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि रोहित उरांव ने छत्तीसगढ़ की शराब कंपनियों को झारखंड के बाजार में प्रवेश दिलाने और कथित अवैध सिंडिकेट के संचालन में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले हुई छापेमारी के दौरान उनके ठिकानों से नकदी भी बरामद होने का दावा किया गया था।
वहीं, पूर्व आबकारी आयुक्त अमित प्रकाश पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में शराब थोक विक्रेताओं को कथित रूप से गलत तरीके से करोड़ों रुपये का भुगतान जारी किया। इसी संबंध में उनसे भी पूछताछ की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी सभी आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है, ताकि कथित अवैध धन के लेन-देन और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
इस कार्रवाई के बाद झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मामले की जांच जारी है और ईडी आगे भी कई अन्य लोगों से पूछताछ कर सकती है।