झारखंड की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बंद होने की खबरों के बीच लाभार्थी महिलाओं के लिए राहत की खबर है। योजना के तहत अगस्त महीने की ₹2,500 की किस्त का भुगतान शुरू होने की जानकारी सामने आई है। योजना बंद होने की चर्चा का संबंध हाल में संसद से पारित माइनिंग बिल को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से जताई गई वित्तीय चिंता से जोड़ा जा रहा है।

अगस्त की किस्त का भुगतान शुरू

जानकारी के मुताबिक, अगस्त महीने की किस्त यानी योजना की 25वीं किस्त का पैसा 9 अगस्त 2026 से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है। राशि DBT के माध्यम से पात्र महिलाओं के आधार लिंक बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है।

वहीं, जिन लाभार्थियों को जुलाई की 24वीं किस्त नहीं मिली थी, उनमें से कई के खातों में लंबित राशि भी अगस्त के शुरुआती दिनों में भेजे जाने की बात सामने आई है।

माइनिंग बिल को लेकर क्यों फैली योजना बंद होने की अफवाह?

दरअसल, खान और खनिज से जुड़े संशोधन विधेयक को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर राज्य के वित्तीय अधिकारों को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने आशंका जताई है कि खनिज राजस्व पर असर पड़ने से भविष्य में राज्य की कई जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में आर्थिक चुनौती आ सकती है।

इसी बयान के बाद सोशल मीडिया पर मंईयां सम्मान योजना बंद होने की खबरें वायरल होने लगीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार फिलहाल योजना बंद होने का कोई तत्काल निर्णय सामने नहीं आया है और अगस्त की किस्त का भुगतान जारी है।

वित्त मंत्री ने भी दी थी सफाई

राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पहले ही योजना को लेकर सरकार की वित्तीय तैयारी स्पष्ट कर चुके हैं। सरकार का कहना है कि महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए बजट में प्रावधान किया गया है और योजना को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाने से बचना चाहिए।

लाभार्थी ऐसे करें भुगतान की जांच

जिन महिलाओं को अभी तक अगस्त की राशि नहीं मिली है, वे अपने बैंक खाते की पासबुक या बैंक स्टेटमेंट चेक कर सकती हैं। इसके अलावा DBT से जुड़े बैंक खाते की स्थिति भी जांचना जरूरी है। कुछ मामलों में तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से भुगतान पहुंचने में समय लग सकता है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर मंईयां सम्मान योजना बंद नहीं हुई है और अगस्त की ₹2,500 की किस्त का भुगतान चरणबद्ध तरीके से जारी है।