राजधानी रांची के ऐतिहासिक अपर बाजार में नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ सोमवार को व्यापारियों ने आधे दिन तक अपनी दुकानें बंद रखीं। नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने, पुराने निर्माणों को हटाने और क्षेत्र के पुनर्विकास की योजना के विरोध में कारोबारी एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए।

नगर निगम ने अपर बाजार की 4.39 एकड़ जमीन पर बनी 608 दुकानों को हटाकर वहां मल्टी-स्टोरी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और आधुनिक पार्किंग विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। निगम का कहना है कि अधिकांश आवंटियों ने अस्थायी निर्माण की शर्तों का उल्लंघन कर पक्के निर्माण कर लिए हैं और कई दुकानों को किराये पर भी दे दिया गया है।

इसके अलावा हरमू रोड स्थित श्रीराम जानकी मंदिर के पास अवैध निर्माण हटाने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। नगर निगम ने बिना स्वीकृत नक्शे के संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और पार्किंग व्यवस्था के नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ ट्रेड लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी भी दी है।

नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने आपात बैठक कर किरायेदार संघ का गठन किया है। संघ की जिम्मेदारी मुकेश अग्रवाल को सौंपी गई है। व्यापारियों का कहना है कि अचानक जारी नोटिस से 600 से अधिक दुकानें और हजारों लोगों का रोजगार प्रभावित होगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसी भी पुनर्विकास योजना को लागू करने से पहले पर्याप्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

व्यापारी संगठनों ने नगर विकास मंत्री और विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी बात रखने का फैसला किया है। उनका कहना है कि यदि बातचीत से समाधान नहीं निकला तो मामले को अदालत में चुनौती दी जाएगी।