धनबाद में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पिठाक्यारी गांव में पुलिस ने आधी रात को मेगा ऑपरेशन चलाकर 11 संदिग्ध साइबर अपराधियों को हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान करीब 20 से 25 पुलिस अधिकारियों और 150 से अधिक जवानों ने पूरे गांव की घेराबंदी कर घर-घर तलाशी ली।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे मेगा ऑपरेशन ‘साइबर शील्ड’ के तहत की गई। एक अक्टूबर को मिली गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई की तैयारी शुरू की थी। ऑपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखा गया, ताकि आरोपियों को भागने या सबूत छिपाने का मौका न मिले।

2.85 लाख रुपये और 19 मोबाइल बरामद

ग्रामीण एसपी मोहम्मद एस. याकूब, एसडीपीओ निरसा लीलेश्वर महतो समेत पुलिस अधिकारियों की निगरानी में साइबर थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा के नेतृत्व में छापेमारी की गई। पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से 2.85 लाख रुपये नकद, 19 स्मार्टफोन और कीपैड मोबाइल, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और अन्य बैंक दस्तावेज बरामद किए हैं।

19 से 39 वर्ष के हैं आरोपी

पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों में श्यामसुंदर रविदास, राहुल रविदास, सचिन रविदास, मलय रविदास, श्यामापदो रविदास, झंटू ठाकुर, कुंदन वर्णवाल, अरमान रविदास, अजय रविदास, विजय रविदास और सागर रविदास शामिल हैं। सभी पिठाक्यारी गांव के रहने वाले बताए गए हैं और उनकी उम्र 19 से 39 वर्ष के बीच है।

पुलिस को जांच के दौरान साइबर ठगी के नेटवर्क के दूसरे लोगों से जुड़े होने की भी आशंका है। बरामद मोबाइल और बैंक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का कनेक्शन धनबाद के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल तक है या नहीं।

पहले भी सामने आ चुके हैं साइबर ठगी के मामले

पिठाक्यारी इलाके में इससे पहले भी साइबर ठगी, फर्जी बैंक खातों, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस का कहना है कि भारी संख्या में जवानों के साथ रात में गांव की घेराबंदी करने का उद्देश्य आरोपियों को भागने और कार्रवाई में किसी तरह की बाधा की संभावना को कम करना था।

पुलिस ने हिरासत में लिए गए आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।