झारखंड के चतरा में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इस मामले में एक महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से 3.70 लाख रुपये नकद, एक स्विफ्ट कार, एक बुलेट मोटरसाइकिल, 15 एटीएम कार्ड और आठ मोबाइल फोन समेत कई सामान बरामद किये गये हैं.

मंगलवार की शाम सदर थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दो नवंबर को पुलिस को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी से संबंधित आवेदन मिला था. शिकायत में एक व्यक्ति से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड लेने की बात सामने आयी थी. जांच के दौरान संबंधित बैंक खाते में अवैध रूप से रुपये जमा और ट्रांसफर होने की जानकारी मिली.

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के निर्देश पर विशेष छापामारी टीम गठित की गयी. टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चतरा शहर के नयकी तालाब लोहार टोली निवासी मनीष कुमार, इटखोरी थाना क्षेत्र के धनखेरी गांव निवासी दीपक कुमार पासवान, धनबाद जिले के झीलुवा निवासी मुस्कान परवीन, कतरास थाना क्षेत्र के भठमुराना मठाडीह राम कॉलोनी निवासी इमामुल अंसारी और बोकारो जिले के चिराचास हिंदू कॉलोनी निवासी सोनू कुमार के रूप में हुई है.

नौकरी का झांसा देकर बैंक खाते का करते थे इस्तेमाल

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे. नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड सहित अन्य बैंकिंग दस्तावेज हासिल कर लेते थे. इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को जमा करने और दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था.

3.70 लाख नकद और कई सामान जब्त

पुलिस ने आरोपियों के पास से 3.70 लाख रुपये नकद, स्विफ्ट कार (जेएच 10 डीएल 1684), बुलेट मोटरसाइकिल (जेएच 13 एन 3895), विभिन्न बैंकों के 15 एटीएम कार्ड, आठ मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किये हैं. इसके अलावा सोने की एक चेन, तीन कलाई घड़ियां, एक ट्रॉली बैग, एक पीठू बैग और तीन पर्स भी जब्त किये गये हैं.

एसडीपीओ ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. छापामारी टीम में सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव, पुलिस अवर निरीक्षक सुनील सिंह, तकनीकी टीम और पुलिस के जवान शामिल थे.