झारखंड में मैट्रिक और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2027 की तैयारी शुरू हो गई है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की ओर से आयोजित होने वाली ये परीक्षाएं फरवरी के पहले सप्ताह में शुरू हो सकती हैं. संभावित कार्यक्रम के अनुसार, पांच फरवरी 2027 से मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू होंगी, जो फरवरी के तीसरे सप्ताह तक चलेंगी. इसके लिए 12 नवंबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी. जैक ने परीक्षा फॉर्म भरने को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिया है.

जारी निर्देश के अनुसार, विद्यार्थी 26 नवंबर तक बिना विलंब शुल्क के परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे. वहीं, 27 नवंबर से चार दिसंबर तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन जमा करने का मौका मिलेगा. जैक फरवरी 2027 में ही मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं संपन्न कराने की तैयारी कर रहा है. इस माह के अंत तक परीक्षा का विस्तृत शेड्यूल भी जारी किया जा सकता है.

अप्रैल के अंत तक जारी होगा मैट्रिक-इंटर का रिजल्ट

जैक की योजना है कि मैट्रिक और इंटरमीडिएट के तीनों संकायों विज्ञान, कला और वाणिज्य का रिजल्ट अप्रैल 2027 के अंत तक जारी कर दिया जाए. इसके लिए परीक्षा प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की तैयारी की जा रही है. समय पर परिणाम जारी होने से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और नामांकन में सहूलियत होगी.

राज्यभर से 7.50 लाख से अधिक परीक्षार्थी होंगे शामिल

आगामी बोर्ड परीक्षा में झारखंड के 7.50 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के शामिल होने की संभावना है. इनमें मैट्रिक के करीब 4.30 लाख और इंटरमीडिएट के तीनों संकायों को मिलाकर लगभग 3.30 लाख परीक्षार्थी शामिल हो सकते हैं. पिछले कुछ वर्षों में भी परीक्षार्थियों की संख्या इसी के आसपास रही है.

फरवरी के अंतिम सप्ताह में होगी आठवीं, नौवीं और 11वीं की परीक्षा

मैट्रिक और इंटरमीडिएट के अलावा जैक फरवरी के अंतिम सप्ताह में आठवीं, नौवीं और 11वीं कक्षा की परीक्षा भी आयोजित करेगा. ये परीक्षाएं ओएमआर शीट पर ली जाएंगी. नौवीं और 11वीं की परीक्षाएं मैट्रिक और इंटरमीडिएट के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर ही आयोजित की जाएंगी. इसके लिए जैक को अलग से तैयारी करनी होगी.

सरकार ने जैक को निर्देश दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 की आठवीं, नौवीं और 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा का परिणाम हर हाल में 31 मार्च 2027 से पहले जारी किया जाए. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के अगली कक्षा में प्रमोशन और नामांकन की प्रक्रिया समय पर पूरी करना है, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो और किसी तरह का एकेडमिक लॉस नहीं हो.