धनबाद, कतरास: कतरास कोयलांचल में लगातार हो रहे भू-धंसान और इससे लोगों की जान जाने की घटनाओं के विरोध में गुरुवार, 24 सितंबर को कतरास में बंद का आह्वान किया गया। कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर आयोजित बंद को कतरास कोयलांचल बचाओ समिति ने भी समर्थन दिया है।
बंद के मद्देनजर कतरास पुलिस शहर में गश्त करती नजर आयी। सुबह करीब 9 बजे बंद समर्थक बाजार की सड़कों पर उतर आये। मुख्य मार्ग, सब्जी पट्टी, राजगंज रोड, हनुमान मेंसन मार्केट और पेट्रोल पंप के आसपास की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। बंद को स्वतःस्फूर्त समर्थन मिलने का दावा किया गया। हालांकि दवा और दूध समेत जरूरी सामानों की कुछ दुकानों को बंद से मुक्त रखा गया।
बंदी का असर शहर के शिक्षण संस्थानों पर भी देखने को मिला। डीएवी, होली मदर्स, किड्स केयर समेत दर्जनभर से अधिक शिक्षण संस्थान बंद रहे। वहीं, इक्का-दुक्का टोटो समेत कुछ वाहनों का आवागमन जारी रहा।
भू-धंसान और अवैध उत्खनन का मुद्दा
कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के समर्थक चुन्ना यादव ने कहा कि कतरास कोयलांचल को उजाड़ने की साजिश की जा रही है। उनके अनुसार, क्षेत्र में अवैध उत्खनन के कारण आए दिन भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं और लोगों के घर जमींदोज हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीसीसीएल और प्रशासन अवैध उत्खनन के मामले में मौन हैं।
ई-मेगा प्रोजेक्ट का भी विरोध
चुन्ना यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने कुसुंडा से जमुनिया तक करीब 17 किलोमीटर लंबे ई-मेगा प्रोजेक्ट को अनुमति दी है। बंद समर्थकों का कहना है कि परियोजना की योजना बनाते समय स्थानीय लोगों और जनमानस की चिंताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने सरकार से ई-मेगा प्रोजेक्ट की प्लानिंग वापस लेने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कतरास में पहले से बसे शहर और बस्तियों को उजाड़ने की कोशिश का स्थानीय लोग विरोध करेंगे।
बंद के दौरान मो. अमान, मनोज गुप्ता, मो. अफसर, उमेश हजारी, मो. अमीर, सतीष कुमार समेत कई बंद समर्थक मौजूद रहे।