धनबाद: कोयलांचल में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बड़ी पहल की गई है। धनबाद जिले में जल्द ही तीन ट्रामा सेंटर का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए निरसा, तोपचांची और बाघमारा में स्थल चिह्नित किए गए हैं। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की बैठक में तीनों ट्रामा सेंटर के निर्माण को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई। उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि फिलहाल निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
हाईवे किनारे बनेगा निरसा ट्रामा सेंटर
निरसा में पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के ठीक बगल में हाईवे किनारे ट्रामा सेंटर बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को जल्द से जल्द इलाज उपलब्ध कराना है। दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे को गोल्डन आवर कहा जाता है। इस दौरान उचित चिकित्सा सुविधा मिलने से गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचने की संभावना बढ़ सकती है।
धनबाद जिले के बाघमारा और तोपचांची में भी ट्रामा सेंटर बनाने की तैयारी चल रही है। बाघमारा प्रखंड की पादुगोडा पंचायत के राधानगर मौजा में ट्रामा सेंटर के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, तोपचांची में निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है। तीनों स्थानों पर ट्रामा सेंटर बनने से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में सड़क हादसों के शिकार लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद

निरसा, बाघमारा और तोपचांची क्षेत्र के लोग लंबे समय से ट्रामा सेंटर बनाने की मांग कर रहे थे। एग्यारकुंड दक्षिण के मुखिया अजय कुमार राम ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग अब पूरी होने जा रही है। हाईवे पर दुर्घटनाओं के दौरान घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में ट्रामा सेंटर काफी मददगार साबित होगा।
वहीं, जमुआटांड़ के मुखिया निरंजन गोप ने कहा कि हाईवे पर लगातार होने वाली दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर इलाज मिलना बेहद जरूरी है। ट्रामा सेंटर बनने से गंभीर रूप से घायल लोगों को जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
गंभीर घायलों की जान बचाने में मिलेगी मदद
धनबाद जिले में तीन ट्रामा सेंटर बनने से सड़क दुर्घटनाओं के बाद घायलों को इलाज के लिए दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है। खासकर हाईवे और आसपास के इलाकों में हादसों के दौरान समय पर प्राथमिक और आपातकालीन उपचार उपलब्ध कराने में इन केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। फिलहाल निर्माण से संबंधित प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।