Diwali और छठ महापर्व पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए राहत की खबर है। रांची रेल डिविजन से गुजरने वाली प्रमुख नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग और रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है, जबकि रेलवे की ओर से चलायी जा रही कई स्पेशल ट्रेनों में अब भी सीटें उपलब्ध हैं। दिल्ली, पटना, गोरखपुर, बेंगलुरु और जयनगर रूट पर नियमित ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में यात्री स्पेशल ट्रेनों में उपलब्ध सीटों की जांच कर अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं।

त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ के कारण नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट की मांग बढ़ गयी है। कई ट्रेनों में स्लीपर और एसी श्रेणियों में लंबी वेटिंग है, जबकि कुछ तारीखों में रिग्रेट की स्थिति है। इसके विपरीत, रांची-शालीमार, रांची-अजमेर और रांची-अलीपुरद्वार समेत कई स्पेशल ट्रेनों में सीटें उपलब्ध हैं।
नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग, कई तारीखों पर रिग्रेट
रांची-नयी दिल्ली गरीब रथ एक्सप्रेस (12877) में दो नवंबर को आरएसी 88 और तीन नवंबर को आरएसी 89 है। छह नवंबर को वेटिंग 137, नौ नवंबर को 86, 10 नवंबर को 100 और 13 नवंबर को 80 है।
हटिया-पूर्णियाकोर्ट एक्सप्रेस (18626) में छह नवंबर को टूएस श्रेणी में 26, स्लीपर में 58, थ्रीई में 14 और थ्रीए में 27 वेटिंग है। सात और नौ नवंबर को स्लीपर में रिग्रेट है। 12 नवंबर को थ्रीए में भी रिग्रेट की स्थिति है।
हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस (18624) में छह नवंबर को स्लीपर में 94 और थ्रीए में 56 वेटिंग है। 10 नवंबर को स्लीपर में वेटिंग 108 और थ्रीई में रिग्रेट है। 11 नवंबर को स्लीपर में वेटिंग 111 तक पहुंच गयी है।
रांची-गोरखपुर एक्सप्रेस (18629) में छह नवंबर को स्लीपर में 74 और थ्रीए में 62 वेटिंग है। 13 नवंबर को स्लीपर में वेटिंग 102 और थ्रीए में 86 है।
हटिया-पटना पाटलिपुत्र एक्सप्रेस (18622) में छह नवंबर को स्लीपर में आरएसी 78, थ्रीई में आरएसी 3 और थ्रीए में आरएसी 21 है। नौ नवंबर को स्लीपर में वेटिंग 58 है। 11 नवंबर को स्लीपर में वेटिंग 66 और थ्रीए में 37 है।
राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस (18105) में तीन नवंबर को वेटिंग 60 और थ्रीए में 36 है। सात नवंबर को वेटिंग 98 और थ्रीए में 49 है। 12 नवंबर को वेटिंग 155 और थ्रीए में रिग्रेट की स्थिति है।
हटिया-बेंगलुरु एक्सप्रेस (12835) में तीन नवंबर को स्लीपर में वेटिंग 41, थ्रीई में 12 और थ्रीए में 34 है। 10 नवंबर को स्लीपर में वेटिंग 28, थ्रीई में 24 और थ्रीए में 44 है। वहीं, दूसरी हटिया-बेंगलुरु एक्सप्रेस (18637) में सात नवंबर को स्लीपर में वेटिंग 8 और थ्रीए में 3 है। 14 नवंबर को स्लीपर में वेटिंग 34 और थ्रीए में 52 है।
स्पेशल ट्रेनों में स्लीपर और एसी की सीटें उपलब्ध
नियमित ट्रेनों में टिकट की किल्लत के बीच कई स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों को राहत मिल सकती है।
रांची-शालीमार स्पेशल (08616) में चार नवंबर को स्लीपर में 270, थ्रीए में 62 और टूए में 21 सीटें खाली हैं। छह नवंबर को स्लीपर में 257, थ्रीए में 54 और टूए में 19 सीटें उपलब्ध हैं। 11 नवंबर को स्लीपर में 283, थ्रीए में 58 और टूए में 15 सीटें खाली हैं।
रांची-अजमेर स्पेशल (09620) में एक नवंबर को थ्रीए में 144 और टूए में 14 सीटें उपलब्ध हैं। आठ नवंबर को थ्रीए में 157 और टूए में 25 सीटें खाली हैं। 15 नवंबर को थ्रीए में 33 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि टूए में वेटिंग 6 है।
रांची-अलीपुरद्वार स्पेशल (08661) में दो नवंबर को स्लीपर में 598, थ्रीए में 30 और टूए में 13 सीटें खाली हैं। नौ नवंबर को स्लीपर में 507 सीटें उपलब्ध हैं। हालांकि, इस दिन थ्रीए और टूए में आरएसी की स्थिति है।
हटिया-बेंगलुरु स्पेशल (08637) में चार नवंबर को थ्रीई में 283 और थ्रीए में 132 सीटें खाली हैं। 11 नवंबर को थ्रीई में 222 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि थ्रीए में आरएसी 19 है।
रांची-आनंदविहार स्पेशल (02877) में सात नवंबर को थ्रीए में 32 सीटें खाली हैं। 14 नवंबर को स्लीपर और थ्रीए में आरएसी की स्थिति है।
टिकट बुक करने से पहले जरूर जांचें उपलब्धता
दिवाली और छठ पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेनें बेहतर विकल्प बन सकती हैं। हालांकि, सीटों की उपलब्धता तारीख और श्रेणी के अनुसार बदल सकती है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले आईआरसीटीसी या रेलवे के आधिकारिक माध्यम से मौजूदा स्थिति की जांच करना जरूरी है। यात्रियों को सलाह है कि वे केवल नियमित ट्रेनों पर निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक ट्रेनों और तारीखों पर भी विचार करें। इससे त्योहार पर घर जाने की यात्रा आसान हो सकती है।