झारखंड के कोडरमा और गिरिडीह जिले से एक भावुक और चर्चा का विषय बना मामला सामने आया है। कोडरमा जिले के बेहराडीह गांव निवासी एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का प्रतीकात्मक श्राद्ध और पिंडदान कर समाज के सामने उससे सभी रिश्ते खत्म करने की घोषणा कर दी। पिता का आरोप है कि बेटी अपनी तय शादी से महज आठ दिन पहले प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई और बाद में प्रेम विवाह कर लिया।

जानकारी के अनुसार युवती की शादी 20 जून को तय थी। परिवार की ओर से तिलक, बारात और भोज की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। इसी बीच 12 जून की रात युवती अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। बेटी के इस कदम से आहत पिता ने परिजनों और ग्रामीणों के साथ गिरिडीह जिले के उत्तरवाहिनी तट स्थित राजदह धाम पहुंचकर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उसका प्रतीकात्मक श्राद्ध कर्म और पिंडदान किया।

पिता ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि अब उनका अपनी बेटी से कोई संबंध नहीं है और सामाजिक रूप से वह उनके लिए मृत समान है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।

वहीं दूसरी ओर युवती ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने फैसले का बचाव किया है। उसने कहा कि वह अपने पति को पिछले 11 वर्षों से जानती है और दोनों ने अपनी मर्जी से बिना किसी दबाव के प्रेम विवाह किया है। युवती ने यह भी दावा किया कि वह बालिग है और अपनी इच्छा से शादी की है।

यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ जहां कुछ लोग पिता के कदम को पारिवारिक सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कई लोग बालिग युवती के अपने जीवनसाथी चुनने के अधिकार की बात कर रहे हैं।