करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या के बाद जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। हिंसक विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए शहर के छह थाना क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 लागू कर दी गई है।

प्रशासन के आदेश के अनुसार साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, मानगो और एमजीएम थाना क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने तथा लाठी-डंडा या अन्य हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस को आशंका है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ उग्र होकर सड़क जाम, तोड़फोड़ या हिंसा कर सकती है।

क्या है मामला?

हिमांशु सिंह, जो करणी सेना के सरायकेला जिला युवा अध्यक्ष थे, की हत्या बिष्टुपुर स्थित एक बार के बाहर हुई। आरोप है कि बार में छेड़खानी का विरोध करने के बाद विवाद बढ़ गया। इसी दौरान पुलिस उन्हें पीसीआर वैन में ले जा रही थी, तभी हमलावरों ने कथित तौर पर उन्हें पुलिस वाहन से नीचे खींचकर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

घटना में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद होने के बावजूद हमलावरों को रोक नहीं सके। मामले में लापरवाही के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

सरकार का बड़ा एक्शन

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी का तत्काल तबादला कर दिया है।

वहीं, मृतक के परिजनों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था और प्रशासन को 24 से 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।

शहर में हाई अलर्ट

फिलहाल पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात है। स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। इस बीच भाजपा ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर 3 जुलाई को ‘जमशेदपुर बंद’ का आह्वान किया है, जिससे प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।