झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा परीक्षा गड़बड़ी के मामलों में CBI जांच की मांग के जरिए वास्तविक दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है।

2015 से अब तक 152 पेपर लीक का दावा

दीपिका पांडेय सिंह ने दावा किया कि वर्ष 2015 से अब तक देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम 17 परीक्षा गड़बड़ी के मामलों की जांच CBI को सौंपी गई, लेकिन इन मामलों में CBI जांच के बाद दोषसिद्धि का आंकड़ा बेहद कम रहा है।

मंत्री ने NEET-UG 2024, UGC-NET 2024, SSC CGL 2017, JEE Main 2021, WB SSC 2016, HP Police Constable 2022, Army CEE 2017 और Karnataka PSI 2021 समेत कई मामलों का उल्लेख करते हुए CBI की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

NEET और UGC-NET जांच को लेकर भी उठाए सवाल

मंत्री ने NEET-UG 2024 मामले का जिक्र करते हुए कहा कि CBI निर्धारित समय सीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी, जिससे मुख्य आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिलने का अवसर मिला।

वहीं UGC-NET 2024 मामले में उन्होंने दावा किया कि CBI ने जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की और कथित पेपर लीक से जुड़े सबूत को छेड़छाड़ किया हुआ स्क्रीनशॉट बताया। उन्होंने जुलाई 2026 में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए।

‘CBI जांच का नतीजा शून्य’

दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि 2015 के बाद परीक्षा गड़बड़ी के मामलों में CBI की कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस एक मामले में दोषसिद्धि का उल्लेख किया जाता है, वह हरियाणा न्यायिक सेवा 2017 का मामला है, जिसकी जांच CBI के बजाय चंडीगढ़ SIT ने की थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा झारखंड में परीक्षा गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है।

JPSC-JSSC मामले में करीब 20 गिरफ्तारियां

मंत्री ने कहा कि झारखंड में परीक्षा गड़बड़ी के मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है और अब तक करीब 20 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दोषियों को बचाना नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ियों की जांच कर कार्रवाई करना है।

राहुल गांधी को लेकर भाजपा के हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि भाजपा के नेताओं के बयानों में लगातार राहुल गांधी का नाम आ रहा है और उन्होंने इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया।

छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान का दावा

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर मंत्री ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रांची और दिल्ली के जंतर-मंतर के आंदोलनों की तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने दावा किया कि रांची में छात्रों के साथ वैसी कार्रवाई नहीं हुई जैसी भाजपा द्वारा बताई जा रही है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा मार्च के दौरान भीड़ में शामिल उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की थी। सरकार छात्रों के साथ संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहती है और बातचीत के दौरान भी आंदोलनरत छात्रों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर चिंतित है।

पत्रकार वार्ता में कई मंत्री रहे मौजूद

पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की समेत झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।