नए साल की शुरुआत झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए महंगी साबित हो सकती है। झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बिजली दरों में बड़े इजाफे का प्रस्ताव तैयार कर झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) के समक्ष पेश किया है। प्रस्ताव के अनुसार राज्य में बिजली की कीमतों में 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली प्रति यूनिट ₹3.50 तक महंगी हो जाएगी।
बिजली दरों में यह प्रस्तावित बढ़ोतरी केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कमर्शियल, औद्योगिक, सिंचाई और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। राज्य में कुल 57 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता इस संभावित फैसले से प्रभावित हो सकते हैं।
किस श्रेणी में कितनी बढ़ेगी बिजली की कीमत
JBVNL द्वारा जारी प्रस्ताव के अनुसार ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा दर 6.70 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 10.20 रुपये प्रति यूनिट करने का सुझाव दिया गया है, जबकि शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह दर 6.85 रुपये से बढ़कर 10.30 रुपये प्रति यूनिट हो सकती है। इसके साथ ही फिक्स्ड चार्ज में भी उल्लेखनीय वृद्धि का प्रस्ताव है।
कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर 6.20 रुपये से बढ़कर 10.60 रुपये प्रति यूनिट और शहरी कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए 11 रुपये प्रति यूनिट तक प्रस्तावित की गई है। औद्योगिक क्षेत्र में भी लो टेंशन और हाई टेंशन दोनों श्रेणियों में दरें बढ़ाने की तैयारी है।
इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन के लिए भी अलग से टैरिफ प्रस्तावित किया गया है, जिसके तहत दिन में 8.30 रुपये और रात में 12.46 रुपये प्रति यूनिट की दर तय करने का सुझाव दिया गया है।
16 जनवरी तक आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित
बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पब्लिक नोटिस जारी किया है। इसके तहत उपभोक्ता और आम नागरिक 16 जनवरी तक अपनी आपत्तियां और सुझाव आयोग को लिखित रूप में दे सकते हैं। आपत्तियां हिंदी या अंग्रेजी में स्वीकार की जाएंगी, जिसमें पूरा पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी देना अनिवार्य होगा।
निर्धारित तिथि के बाद आयोग सार्वजनिक सुनवाई आयोजित करेगा, जिसकी तारीख बाद में घोषित की जाएगी। इसके पश्चात सभी हितधारकों से चर्चा कर बिजली टैरिफ पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बिजली खरीद लागत बनी बढ़ोतरी की बड़ी वजह
JBVNL ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिजली टैरिफ के साथ-साथ वर्ष 2030-31 तक की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR), एग्रीगेट रेवेन्यू रिक्वायरमेंट और बिजनेस प्लान भी आयोग के समक्ष रखा है। पब्लिक नोटिस के अनुसार निगम ने 2025-26 में 8,726.06 करोड़ रुपये से अधिक की बिजली खरीद लागत का अनुमान लगाया है।
इस लागत में थर्मल, हाइड्रो और अन्य स्रोतों से खरीदी जाने वाली बिजली शामिल है। पिछले वर्षों की तुलना में बिजली खरीद लागत में हुई वृद्धि को टैरिफ बढ़ोतरी की मुख्य वजह बताया गया है।
छह महीने में दूसरी बार बढ़ सकती हैं बिजली दरें
गौरतलब है कि यह साल 2025 में बिजली दर बढ़ाने का दूसरा प्रस्ताव है। इससे पहले 1 मई 2025 से झारखंड में बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गई थी। उस समय ग्रामीण घरेलू बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट और शहरी घरेलू बिजली 20 पैसे प्रति यूनिट महंगी हुई थी, हालांकि किसानों को कुछ राहत दी गई थी।
अब यदि नया प्रस्ताव मंजूर होता है, तो झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर बड़ा बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।