झारखंड सरकार ने राज्य में औद्योगिक, तकनीकी और पर्यटन क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए ₹99,639 करोड़ के 14 बड़े समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026’ के समापन सत्र में हुए इन समझौतों के जरिए राज्य में बड़े निवेश और रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि ये समझौते केवल कागजी औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि झारखंड के भविष्य की नई संभावनाओं का आधार हैं। उन्होंने राज्य को केवल खनिज संपदा (Mines) तक सीमित नहीं रखते हुए ज्ञान, नवाचार और तकनीक (Minds) की दिशा में आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में जिंदल स्टील लिमिटेड ने स्टील उत्पादन क्षमता विस्तार के लिए ₹40,000 करोड़, जबकि जिंदल न्यूक्लियर पावर ने राज्य के पहले न्यूक्लियर पावर प्लांट की स्थापना के लिए ₹30,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया। वहीं टाटा मोटर्स ने माइनिंग टूरिज्म और ईजमाईट्रिप ने पर्यटन क्षेत्र के विकास में सहयोग का भरोसा दिया।
डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत बनाने के लिए गूगल क्लाउड और वाधवानी ग्रुप के साथ भी महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं। इन साझेदारियों के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड तकनीक का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
सरकार के अनुसार, टेक्सटाइल और परिधान उद्योग से जुड़े निवेश प्रस्तावों के जरिए करीब 70 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (JIADA) के भूमि आवंटन नियमों में आदिवासी समुदाय के लिए अधिक अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि निवेश से जुड़े सभी प्रस्तावों को तय समयसीमा के भीतर धरातल पर उतारा जाए, ताकि राज्य में उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।