बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन (गहरे दबाव) का असर अब झारखंड में भी देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 22 जिलों के लिए भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात (बिजली गिरने) का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 जुलाई की रात यह सिस्टम पश्चिम बंगाल के दीघा तट से टकराने के बाद जमीनी क्षेत्रों की ओर बढ़ा, जिससे झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में—

30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।

कई इलाकों में वज्रपात का खतरा बना रहेगा।

लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है।

नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा भी बना हुआ है।

इन 22 जिलों में अलर्ट

मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, उनमें—

रांची

बोकारो

पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर)

खूंटी

रामगढ़

हजारीबाग

धनबाद

गिरिडीह

देवघर

दुमका

जामताड़ा

पश्चिमी सिंहभूम

सरायकेला-खरसावां

गुमला

लोहरदगा

सिमडेगा

पलामू

लातेहार

चतरा

गोड्डा

साहेबगंज

पाकुड़

शामिल हैं।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास न रहें।

खेतों में काम कर रहे किसान खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

जलभराव वाले रास्तों, पुलों और नदी-नालों को पार करने से बचें।

तेज बारिश और आंधी के दौरान पक्के भवनों या सुरक्षित स्थानों में ही रहें।

2 अगस्त तक बना रह सकता है असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, डीप डिप्रेशन के पश्चिम की ओर बढ़ने के बावजूद 31 जुलाई से 2 अगस्त तक झारखंड के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है।