झारखंड में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार (11 जून) से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। कई जिलों में तेज आंधी, वज्रपात और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 15 से 17 जून के बीच संताल परगना के रास्ते दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के झारखंड में प्रवेश करने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार को कोडरमा और हजारीबाग को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। इसे देखते हुए कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
11 जून को 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम केंद्र के अनुसार 11 जून को रांची, खूंटी, रामगढ़, धनबाद, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज और बोकारो जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ ही वज्रपात और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की भी संभावना है।
संभावित खराब मौसम को देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खुले स्थानों में नहीं जाने की सलाह दी है।
12 जून से 15 जून तक जारी रहेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार 12 जून को भी कई जिलों में बादल छाए रहने, वज्रपात, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस स्थिति को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
विभाग का अनुमान है कि 15 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम का यही रुख बना रहेगा और बीच-बीच में बारिश तथा तेज हवा का दौर जारी रह सकता है।
झारखंड में कब पहुंचेगा मॉनसून?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। बुधवार तक इसके सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद अगले चार से पांच दिनों में मॉनसून झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ समेत पूर्वी भारत के अन्य क्षेत्रों में दस्तक दे सकता है।
झारखंड में मॉनसून के संताल परगना क्षेत्र से प्रवेश करने की संभावना जताई गई है। यदि मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 15 से 17 जून के बीच राज्य में मॉनसूनी बारिश की शुरुआत हो सकती है।
लोगों को बरतनी होगी सावधानी
मौसम विभाग ने वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें। गरज-चमक के समय सुरक्षित पक्के भवनों में शरण लें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
मॉनसून की संभावित दस्तक और बारिश के पूर्वानुमान से किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे खरीफ फसलों की तैयारी को गति मिलेगी और राज्य में लंबे समय से जारी गर्मी से राहत मिलेगी।