छात्रों के लंबे आंदोलन और लगातार उठ रही मांगों के बीच झारखंड सरकार ने आखिरकार बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में घोषणा करते हुए बताया कि सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की उम्र सीमा में संशोधन करने का निर्णय लिया है। यह घोषणा उन्होंने झारखंड विधानसभा की कार्यवाही के दौरान की।
क्या है नया फैसला
सरकार ने JPSC की अधिकतम उम्र सीमा 1 अगस्त 2026 से घटाकर 1 अगस्त 2022 कर दी है। इस बदलाव का सीधा मतलब है कि जिन अभ्यर्थियों की आयु या शैक्षणिक पात्रता 1 अगस्त 2022 तक निर्धारित मानकों के अनुरूप थी, वे अब आगामी भर्तियों में शामिल हो सकेंगे।
क्यों लिया गया यह निर्णय
पिछले कुछ वर्षों में JPSC परीक्षाओं में देरी, भर्ती प्रक्रिया लंबित रहने और नई विज्ञप्ति जारी नहीं होने के कारण हजारों अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके थे। इसे लेकर राज्यभर में छात्रों ने आंदोलन, धरना और ज्ञापन के जरिए सरकार से कटऑफ डेट में संशोधन की मांग की थी। सरकार ने इसे न्यायसंगत मानते हुए युवाओं के हित में यह फैसला लिया।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में कहा कि भर्ती प्रक्रिया में देरी का खामियाजा युवाओं को नहीं भुगतना चाहिए। सरकार का उद्देश्य अधिकतम योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देना है, इसलिए उम्र सीमा को पीछे ले जाने का निर्णय लिया गया है।
छात्रों को क्या मिलेगा लाभ
करीब तीन साल तक के अतिरिक्त अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा
जो उम्मीदवार आयु सीमा पार कर चुके थे, वे अब फिर से पात्र होंगे
प्रतियोगी परीक्षाओं में व्यापक भागीदारी संभव होगी
लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को राहत
हाइकोर्ट ने दिया था आदेश
वहीं उम्र सीमा छूट देने के मामले पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट ने 14वीं जेपीएससी में याचिका दाखिल करने वाले अभ्यर्थियों के आवेदन जेपीएससी को स्वीकार करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद ही इन अभ्यर्थियों का परिणाम जारी किया जाएगा। सुमन कुमार सहित अन्य 200 से अधिक अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनकी ओर से उम्र की सीमा का निर्धारण वर्ष 2018 से करने की मांग की गई है।