झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) T20 के फाइनल मुकाबले के दौरान रांची स्थित JSCA इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ ने सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छोटानागपुर रॉयल्स और जमशेदपुर स्टीलर्स के बीच खेले गए फाइनल मैच को देखने पहुंचे हजारों क्रिकेट प्रेमियों की भीड़ अचानक बेकाबू हो गई, जिससे दर्जनों लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, फाइनल मुकाबले के लिए दर्शकों की एंट्री पूरी तरह मुफ्त रखी गई थी। इसके कारण स्टेडियम के बाहर उम्मीद से कहीं ज्यादा संख्या में लोग पहुंच गए। JSCA स्टेडियम की क्षमता करीब 40 हजार दर्शकों की है, जबकि बाहर 50 हजार से अधिक लोगों के जमा होने की बात सामने आई है।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रवेश के लिए उपलब्ध चार गेटों में से शुरुआत में केवल एक या दो गेट ही खोले गए। सीमित प्रवेश व्यवस्था के कारण गेटों पर भारी दबाव बन गया और लंबी कतारें लग गईं। वहीं सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) की धीमी प्रक्रिया ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब स्टेडियम पूरी तरह भर गया तो कुछ गेटों को बंद कर दिया गया। पहले जिन लोगों को एक गेट से प्रवेश दिया जा रहा था, उन्हें अचानक दूसरे गेट की ओर भेजा जाने लगा। इससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया और भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जो बाद में भगदड़ में बदल गई।
हालात बिगड़ने पर कई लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने और स्टेडियम की दीवार फांदकर अंदर घुसने की कोशिश की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ जगहों पर हल्का बल प्रयोग किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद आयोजन की व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है और यह जांच की जा रही है कि भीड़ नियंत्रण में चूक कहां हुई। वहीं घायल लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में कराया गया।