झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों का व्यापक सत्यापन पूरा कर लिया है। जांच के दौरान गलत जानकारी देने वाले और अपात्र पाए गए 1.18 लाख लाभुकों को योजना से बाहर कर दिया गया है। इसके बाद योजना के लाभार्थियों की संख्या करीब 51 लाख से घटकर 49 लाख रह गई है।
सरकार के अनुसार, सत्यापन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन सामने आए, जिनमें पात्रता की शर्तें पूरी नहीं हो रही थीं। इनमें 50 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं, राशन कार्ड संबंधी त्रुटियां और अन्य अपात्र श्रेणियों के मामले शामिल हैं। ऐसे सभी लाभुकों के नाम योजना से हटा दिए गए हैं।
50 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं होंगी बाहर
योजना के नियमों के अनुसार 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को ही इसका लाभ मिलेगा। सत्यापन के दौरान 50 वर्ष से अधिक आयु वाली महिलाओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
नए आवेदन का मिलेगा मौका
सरकार जल्द ही नए पात्र लाभुकों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगी। आवेदन मिलने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और पात्र महिलाओं का नाम योजना में जोड़ा जाएगा।
राज्य सरकार का दावा
सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाना है। सत्यापन प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी ताकि योजना पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनी रहे।
मुख्य बातें
सत्यापन के बाद 1.18 लाख अपात्र लाभुक योजना से बाहर।
लाभुकों की संख्या 51 लाख से घटकर 49 लाख हुई।
18 से 50 वर्ष की पात्र महिलाओं को ही मिलेगा लाभ।
जल्द शुरू होगी नए लाभुकों के लिए आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया।