झारखंड के रामगढ़ जिले में जंगली हाथियों के झुंड ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 की अहले सुबह जमकर उत्पात मचाया। रजरप्पा थाना क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में हाथियों के हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
मृतकों की पहचान बड़कीपोना गांव की धन्नो देवी (37 वर्ष) और रजरप्पा कॉलोनी की सबीना खातून (60 वर्ष) के रूप में बताई गई है। हाथियों ने दोनों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, कुछ स्थानीय रिपोर्टों में एक मृतका का नाम भानो देवी या भानू देवी भी बताया गया है।
44 हाथियों का झुंड इलाके में मौजूद
वन विभाग के मुताबिक रामगढ़ क्षेत्र में करीब 44 जंगली हाथियों का झुंड दो अलग-अलग समूहों में घूम रहा है। इनमें से करीब 12 से 15 हाथियों का एक दल शावकों के साथ बड़कीपोना गांव की ओर पहुंच गया। आबादी वाले इलाके में हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
हाथियों के डर से कई ग्रामीण अपने घरों की छतों पर चढ़ गए। बताया जा रहा है कि हाथियों का झुंड रामगढ़-बोकारो राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर रजरप्पा मंदिर जाने वाले रास्ते के आसपास के जंगलों में भी पहुंच गया है।
हाईवे और रजरप्पा मंदिर जाने वाले रास्ते पर अलर्ट
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर सुबह और देर रात रजरप्पा मंदिर जाने वाले रास्ते पर अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा गया है।
गोला, चितरपुर और दुलमी प्रखंडों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से हाथियों के झुंड के करीब नहीं जाने और उन्हें देखने के लिए भीड़ नहीं लगाने की अपील की गई है।
वन विभाग की QRT टीम तैनात
हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने के लिए वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को तैनात किया गया है। टीम पटाखे, ढोल और मशालों की मदद से हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों के रास्ते में न आएं और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। वन विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।