झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच रांची जिला प्रशासन ने 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जिला प्रशासन ने झारखंड विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन, धरना या अन्य गतिविधि पर रोक लगा दी है।
रांची जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से 9 अगस्त 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि विधानसभा घेराव की सूचना को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी, सदर रांची ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए BNS की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू की है। इसमें झारखंड हाईकोर्ट परिसर को इससे बाहर रखा गया है।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव की सूचना
जिला प्रशासन के अनुसार, कुछ छात्र संगठनों की ओर से 10 अगस्त को विधानसभा घेराव किए जाने की सूचना मिली है। इसे देखते हुए विधानसभा के आसपास सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है।
प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी तरह के प्रदर्शन या धरने में शामिल न हों और शांतिपूर्ण एवं कानूनी तरीके से अपनी मांगें रखें।
‘हिंसक गतिविधि में शामिल होने पर होगी कार्रवाई’
जिला प्रशासन ने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी हिंसक या गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने कहा कि ऐसी कार्रवाई छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और भविष्य में रोजगार की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि वर्तमान में कई सरकारी और निजी नौकरियों में पुलिस वेरिफिकेशन की आवश्यकता होती है। ऐसे में किसी नकारात्मक रिकॉर्ड के कारण भविष्य में नौकरी या अन्य अवसरों में परेशानी आ सकती है।
छात्रों से संयम बरतने की अपील
रांची जिला प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपनी पढ़ाई, करियर और भविष्य पर ध्यान दें। प्रशासन ने कहा कि किसी भी शिकायत या समस्या के समाधान के लिए वैधानिक और शांतिपूर्ण रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
जिला प्रशासन ने छात्रों को राज्य और राष्ट्र का भविष्य बताते हुए संयम बरतने, शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है।