दुर्गा पूजा के दौरान मेला घूमने निकलने वाले श्रद्धालुओं की सेहत का ख्याल रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारी की है। पूजा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने या किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए राजधानी रांची के नौ प्रमुख स्थानों पर मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है। यह व्यवस्था 17 से 20 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई व्यवस्था के तहत अलबर्ट एक्का चौक, सदर थाना कोकर और नगर नियंत्रण कक्ष में तीन पालियों में चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर शाम चार बजे से रात 12 बजे तक 108 एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके।
सिविल सर्जन ने सभी चिकित्सा दलों को जिला भंडार से आवश्यक दवाएं और उपकरण उपलब्ध कराकर निर्धारित स्थानों पर समय से पहुंचने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य पूजा पंडालों और मेला स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को आपात स्थिति में जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
इन स्थानों पर रात 12 बजे तक मिलेगी एंबुलेंस सुविधा
दुर्गा पूजा के दौरान रात में भीड़ और आपात स्थितियों को देखते हुए रात रोड, सुजाता चौक, धुर्वा, जगन्नाथपुर थाना, वृंदावन कॉलोनी दुर्गा पूजा समिति, बिरसा चौक और बरियातू रोड सहित प्रमुख स्थानों पर शाम चार बजे से रात 12 बजे तक एंबुलेंस उपलब्ध रहने की व्यवस्था की गई है।
अलबर्ट एक्का चौक और कोकर में अलग-अलग शिफ्ट में तैनाती
अलबर्ट एक्का चौक: यहां सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक 7870020393, दोपहर दो बजे से रात नौ बजे तक 9433020025 और रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक 9507077227 पर संपर्क किया जा सकता है।
सदर थाना कोकर: यहां सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक 7479632761, दोपहर दो बजे से रात नौ बजे तक 7004066935 और रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक 9431338221 पर संपर्क किया जा सकता है।
कंट्रोल रूम के नंबर भी जारी
स्वास्थ्य विभाग ने आपात स्थिति में सहायता के लिए कंट्रोल रूम के नंबर भी जारी किए हैं। जरूरत पड़ने पर 993905037, 9504276995 और 7903188781 पर संपर्क किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से दुर्गा पूजा के दौरान किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर समय पर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। विभाग का उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आपात चिकित्सा सेवाओं को सुचारू बनाए रखना है।