JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ शुक्रवार, 7 अगस्त को रांची में निकाले गए विधानसभा घेराव मार्च के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर काली स्याही फेंकने की घटना सामने आई। घटना बिरसा चौक के पास महाबीर मंदिर के नजदीक हुई, जब AISA और AISF के नेतृत्व में करीब एक हजार छात्र और कार्यकर्ता विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे।
स्याही फेंके जाने के बाद मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद रांची पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी ने मीडिया के सामने दावा किया कि वह नेहा बोरा को ‘राष्ट्रविरोधी’ और उमर खालिद का समर्थक मानता है, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।
घटना के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच भी कुछ मुद्दों को लेकर विरोध और हंगामा देखने को मिला। कुछ छात्रों ने आंदोलन में बाहरी वामपंथी राजनीतिक विचारधारा को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई।
वहीं, घटना के बाद नेहा बोरा ने कहा कि वह इस स्याही को गर्व के साथ स्वीकार करती हैं। उन्होंने कहा कि जब 20 जुलाई को आंसू गैस के गोले और पेलेट गन उन्हें नहीं डरा सके, तो स्याही की यह घटना उनका रास्ता नहीं रोक सकती। उन्होंने इस घटना के लिए दक्षिणपंथी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया।
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक के आरोपों और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में परीक्षाओं की स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं। आंदोलन के दौरान छह छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं।