झारखंड की राजधानी रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में इस मामले के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और प्रतिबंधित आतंकी संगठन तेहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) को सौंपी जा रही है।

पुलिस जांच के अनुसार, हमले में शामिल आरोपियों के विदेशी नेटवर्क से जुड़े होने के सबूत मिले हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी दुबई में पाकिस्तान के शाहजाद राणा उर्फ भट्टी के संपर्क में आए थे। वहीं उन्हें कथित तौर पर इस तरह की गतिविधियों को अंजाम देने का टास्क दिया गया था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, हमले को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाया और उसे पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स को भेजा। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं।

पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सैफ अंसारी और अमन अंसारी प्रमुख हैं। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार झारखंड के अलावा अन्य राज्यों तक भी फैले हो सकते हैं।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं ATS को जांच सौंपे जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय और आतंकी कनेक्शन से जुड़े पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।

गौरतलब है कि RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए थे। अब जांच में सामने आए अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन ने मामले को और गंभीर बना दिया है।