झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षा सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। बुधवार को भाजपा और NDA सांसदों ने संसद भवन परिसर में प्रदर्शन कर झारखंड सरकार पर सवाल उठाए। प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने किया।

मकर द्वार पर सांसदों ने की नारेबाजी

भाजपा और NDA सांसद संसद के मकर द्वार के पास जुटे और हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। सांसदों ने झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी निशाने पर लिया गया।

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के लिए जा रहे JPSC-JSSC अभ्यर्थियों पर पुलिस ने सरकार के इशारे पर कार्रवाई की। उन्होंने राहुल गांधी पर भी छात्रों के मुद्दे पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया।

भाजपा सांसदों ने CBI जांच की मांग उठाई

प्रदर्शन कर रहे सांसदों ने JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग दोहराई। भाजपा नेताओं का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

भाजपा सांसद मनोज तिवारी और अपराजिता सारंगी समेत अन्य नेताओं ने भी झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।

राहुल गांधी बोले- छात्रों पर बल प्रयोग गलत

वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।

इससे भाजपा के आरोपों पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

JMM सांसद ने कार्रवाई को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

दूसरी ओर, JMM सांसद विजय हांसदक ने कहा कि जब प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा परिसर तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, तब सुरक्षा के लिहाज से पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि उन्होंने पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। विधानसभा घेराव, पुलिस कार्रवाई और इसके बाद भाजपा के झारखंड बंद के बाद मामला संसद तक पहुंच गया है। छात्रों की परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन जारी है।