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राजधानी रांची में अब दीवारें सिर्फ सजावट का माध्यम नहीं रहेंगी, बल्कि लोगों को जागरूक करने का भी काम करेंगी। रांची नगर निगम ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत शहर में नई थीम आधारित वॉल पेंटिंग अभियान की शुरुआत की है। इसकी शुरुआत मोरहाबादी क्षेत्र से की गई है।

अब तक रांची की पहचान पारंपरिक सोहराई पेंटिंग से जुड़ी रही है, जो झारखंड की संस्कृति को दर्शाती है। लेकिन अब इन कलाकृतियों के साथ-साथ दीवारों को “मैसेजिंग वॉल” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां कला के जरिए सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश दिए जाएंगे।

इस अभियान में प्रदूषण नियंत्रण, हरियाली बढ़ाने, प्लास्टिक मुक्त जीवन, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे विषयों को प्रमुखता दी जा रही है। दीवारों पर ऐसे चित्र और स्लोगन बनाए जा रहे हैं, जो आम लोगों को सीधे प्रभावित करें और उन्हें व्यवहार में बदलाव के लिए प्रेरित करें।

नगर निगम का मानना है कि सिर्फ नियमों से बदलाव संभव नहीं है, इसके लिए लोगों की भागीदारी और जागरूकता जरूरी है। इसी उद्देश्य से कला को माध्यम बनाकर यह पहल शुरू की गई है।

इस अभियान के बाद शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों का स्वरूप बदलने की उम्मीद है। पारंपरिक और आधुनिक कला के मिश्रण से शहर को नया और आकर्षक रूप मिलेगा, जो पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण बन सकता है।

इस पहल का एक अहम पहलू यह भी है कि स्थानीय कलाकारों और युवा चित्रकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। नगर निगम द्वारा चयनित कलाकार अलग-अलग स्थानों पर पेंटिंग कर रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार और पहचान दोनों मिल रही है।

आने वाले समय में इस अभियान को और विस्तारित करने की योजना है। इसके तहत अधिक क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा और स्कूलों व सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा जाएगा।

रांची में दीवारों को रंगने की यह पहल केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का एक प्रभावी माध्यम बनती जा रही है।