संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 24 मई 2026 को आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 में पहली बार ‘रियल-टाइम फेस ऑथेंटिकेशन’ तकनीक का इस्तेमाल किया। परीक्षा में फर्जीवाड़ा रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया यह कदम यूपीएससी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल सत्यापन अभियान माना जा रहा है।

देशभर के 83 शहरों में बनाए गए 2,072 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। आयोग के अनुसार, कुल 8,19,732 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से करीब 67 प्रतिशत यानी लगभग 5.49 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए।

यह फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) द्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई है। इस अभियान को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) और NeGD के सहयोग से सफलतापूर्वक लागू किया गया।

इधर, यूपीएससी ने इस वर्ष उत्तर कुंजी जारी करने की प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया है। अब आयोग परीक्षा के तुरंत बाद अनंतिम उत्तर कुंजी (Provisional Answer Key) जारी करेगा, जिस पर अभ्यर्थी 31 मई 2026 तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। अंतिम उत्तर कुंजी मुख्य परीक्षा और अंतिम परिणाम जारी होने के बाद प्रकाशित की जाएगी।

यूपीएससी का यह कदम परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।