झारखंड में बिना पंजीकरण और अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। पीसी एंड पीएनडीटी (PCPNDT) अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्यभर में विशेष सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य अवैध भ्रूण लिंग जांच, फर्जी संचालन और स्वास्थ्य मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई करना है।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर सभी जिलों में उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग कमेटियां गठित की गई हैं। ये कमेटियां क्लीनिकों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक एवं गोपनीय निरीक्षण करेंगी। अधिकारियों को अपने क्षेत्र के सभी पंजीकृत और संदिग्ध केंद्रों की नियमित जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
तीन महीने में पूरी होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को अगले तीन महीनों के भीतर अपने क्षेत्र के प्रत्येक अल्ट्रासाउंड सेंटर और क्लीनिक का निरीक्षण करने का लक्ष्य दिया है। इसके लिए मासिक निरीक्षण योजना तैयार कर कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जांच के दौरान यदि कोई क्लीनिक या अल्ट्रासाउंड केंद्र बिना पंजीकरण संचालित होता पाया गया या PCPNDT अधिनियम का उल्लंघन करता मिला, तो उसे तत्काल सील किया जाएगा। साथ ही संचालकों के खिलाफ कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन जारी
अवैध गतिविधियों की सूचना देने और आम लोगों की शिकायतें दर्ज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 104 जारी किया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी इस नंबर पर दें।
अब तक 30 क्लीनिकों पर कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की हालिया कार्रवाई में राज्यभर के करीब 30 क्लीनिकों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। इसके अलावा कई संस्थानों को नियमों के उल्लंघन के कारण सील भी किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह अभियान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर निरीक्षण और कार्रवाई देखने को मिल सकती है।