झारखंड के पलामू जिले में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने झोलाछाप डॉक्टरों एवं अवैध क्लिनिकों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए कई फर्जी अस्पतालों और क्लिनिकों को सील कर दिया है। कार्रवाई के दौरान कई मामलों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई, जबकि कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंडवा, नावाजयपुर और अन्य क्षेत्रों में छापेमारी के दौरान पाया कि कई लोग बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अवैध क्लिनिकों में प्रसव (डिलीवरी), छोटे-बड़े ऑपरेशन और इंजेक्शन लगाने जैसे गंभीर चिकित्सकीय कार्य किए जा रहे थे। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में दवाइयां, मेडिकल उपकरण और इंजेक्शन भी जब्त किए गए।

हाल के महीनों में पलामू में झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही से बच्चों की मौत के कई मामले सामने आए हैं। पांकी में बुखार से पीड़ित 9 वर्षीय बच्चे की कथित तौर पर गलत इंजेक्शन लगाने के बाद मौत हो गई थी। वहीं हैदरनगर में बिच्छू काटने के बाद एक 6 वर्षीय बच्चे का फर्जी क्लिनिक में इलाज किया गया, जहां गलत इंजेक्शन देने के बाद उसकी जान चली गई।

इन घटनाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत (रजिस्टर्ड) डॉक्टरों और सरकारी या अधिकृत अस्पतालों में ही इलाज कराएं तथा किसी भी अवैध क्लिनिक की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।