झारखंड कांग्रेस ने संसद से पारित खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के खिलाफ 18 अगस्त से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने कहा कि खनिज संपदा और राज्यों के अधिकारों से जुड़े इस मुद्दे पर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि संशोधन विधेयक राज्यों के खनिज संसाधनों पर वित्तीय अधिकारों को प्रभावित करता है। पार्टी विधायक प्रदीप यादव समेत अन्य नेताओं ने दावा किया कि इससे झारखंड को हर साल करीब 15 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है। कांग्रेस ने इसे राज्यों के अधिकार और संघीय ढांचे से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।
18 अगस्त से आंदोलन, 22 को INDIA गठबंधन की बैठक
झारखंड कांग्रेस ने बताया कि विधेयक के विरोध में 18 अगस्त से जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। वहीं, राज्य में सत्तारूढ़ महागठबंधन के दल इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसके लिए 22 अगस्त को INDIA गठबंधन की बैठक प्रस्तावित है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि खनिज संपदा झारखंड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में राज्य के राजस्व और अधिकारों पर असर डालने वाले किसी भी प्रावधान का पार्टी राजनीतिक और जनस्तर पर विरोध करेगी।
JPSC-JSSC आंदोलन पर भी कांग्रेस का समर्थन
बैठक में झारखंड में चल रहे JPSC और JSSC CGL परीक्षा विवाद को लेकर भी पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परीक्षा और नियुक्ति से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू और विधायक अंबा प्रसाद ने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही। पार्टी के अनुसार, सरकार की ओर से गठित समिति आंदोलनकारी छात्रों के साथ बातचीत कर रही है।
राहुल गांधी ने भी लिखा था मुख्यमंत्री को पत्र
छात्र आंदोलन के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारी छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी मांगों का समाधान करने का आग्रह किया है। कांग्रेस के अनुसार, छात्रों की समस्याओं का जल्द और सकारात्मक समाधान निकाला जाना चाहिए।
कांग्रेस का दोहरा मोर्चा
झारखंड कांग्रेस अब एक तरफ खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ आंदोलन की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ JPSC-JSSC विवाद को लेकर आंदोलित छात्रों के समर्थन में खड़े होने का संदेश दे रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि दोनों मुद्दों पर आगे की रणनीति आंदोलन और संवाद, दोनों स्तरों पर तय की जाएगी।