ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव की दिशा में दामोदर वैली कार्पोरेशन (डीवीसी) चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन में 10 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित करने जा रहा है। यह बोकारो जिले का पहला तैरता हुआ सोलर प्रोजेक्ट होगा, जो पारंपरिक बिजली उत्पादन के साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा देगा।

वाटर रिजर्वायर में लगाए जाएंगे तैरते सोलर पैनल

इस परियोजना के तहत चंद्रपुरा स्थित वाटर रिजर्वायर के बड़े हिस्से में फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाए जाएंगे। प्लांट के निर्माण की जिम्मेदारी अहमदाबाद की इन सोलर एनर्जी लिमिटेड को सौंपी गई है। परियोजना पूरी होने के बाद सीटीपीएस की कुल उत्पादन क्षमता 500 मेगावाट से बढ़कर 510 मेगावाट हो जाएगी।

चार माह में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

विशेषज्ञों के अनुसार फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का निर्माण लगभग चार माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्लांट से उत्पादित बिजली सीधे डीवीसी की ग्रिड से जोड़ी जाएगी, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

साइट पर पहुंचने लगी सामग्री, जल्द तेज होगा निर्माण कार्य

परियोजना के लिए आवश्यक मशीनरी और अन्य सामग्री साइट पर पहुंचनी शुरू हो चुकी है। निर्माण एजेंसी ने स्थानीय स्तर पर अपना कार्यालय भी स्थापित कर लिया है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ेगा।

28 अगस्त 2025 को हुआ था शिलान्यास

गौरतलब है कि इस परियोजना का शिलान्यास 28 अगस्त 2025 को डीवीसी के सदस्य (वित्त) अरूप सरकार ने किया था। वहीं, चंद्रपुरा क्षेत्र के दुगदा कोलवाशरी के पास बीसीसीएल का 20 मेगावाट क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट पहले से संचालित है, जिससे इलाके में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को पहले ही बढ़ावा मिल रहा है।