झारखंड की सरकार ने राज्य के स्थायी सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए 30 दिन का अग्रिम वेतन (एडवांस सैलरी) देने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से राज्य के करीब 1.83 लाख नियमित कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, जो आपातकालीन जरूरतों के दौरान समय से पहले अपनी सैलरी प्राप्त कर सकेंगे।

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी अग्रिम ली गई राशि को दो महीने के भीतर वापस कर देते हैं तो उन पर किसी प्रकार का ब्याज नहीं लगेगा। वहीं, निर्धारित अवधि में राशि नहीं लौटाने की स्थिति में कर्मचारी इसे 12 मासिक किश्तों में सामान्य ब्याज के साथ जमा कर सकेंगे।

सरकार ने विशेष परिस्थितियों में कर्मचारियों को उनकी मासिक आय के अधिकतम 30 गुना तक एडवांस लेने का विकल्प भी दिया है। हालांकि, किसी भी स्थिति में मासिक ईएमआई कर्मचारी की नेट सैलरी के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।

यह सुविधा केवल राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों के लिए होगी। पेंशनभोगियों, संविदा कर्मियों और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। साथ ही, कोई भी कर्मचारी दोबारा एडवांस सैलरी तभी ले सकेगा, जब वह पहले लिए गए एडवांस का पूरा भुगतान कर चुका हो।

इस योजना को पारदर्शी और पेपरलेस बनाने के लिए राज्य सरकार एक एनबीएफसी के सहयोग से डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है। इसके जरिए कर्मचारी 24×7 ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों को आपातकाल में महंगे निजी कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।